BRICS Summit and India's Growth Concerns
कुछ खास ही होगा जो इनके पीछे छुपाया गया होगा। वरना
इस देश की राजधानी में BRICS की summit चल रही है। जहां दूसरे
देशों के मुखिया आ रहे हैं, वहां ऐसा क्या है जिसे छुपाया जा रहा है?
Seven point eight GDP की growth के देश की राजधानी दिखा
रहा हूं। यह मेरे पीछे देखिए मैं वसंत विहार, नई दिल्ली में
मौजूद हूं। दिल्ली में BRICS summit हो रहा है
और इस देश की जो विकास है, जो growth है, जो
GDP growth है वो कैसे छुपा दी है इन
नीले और सफेद color के पर्दों से। वो मैं आपको दिखाना चाह रहा हूं। आप
देखिए एक बार यहां से।
कुछ भी नहीं कर सकते हम तो जैसे लग रहा है। क्या होता है बताओ?
अजीब तो लग रहा होगा ना आपके घर के बाहर। रहेगा भैया क्यों नहीं लगेगा। ऐसा लग रहा है
शादी हो रही है। पता नहीं क्या हो रहा है समझ ही नहीं आ रहा। सरकार को क्या बोलेंगे
भैया? वो तो सरकार है। राजनीति इनकी चलती है। जब
मन करेगा तोड़
देंगे। अभी तो पर्दा डाला है। कभी भी आएगा उनका order उड़ा देंगे। वो
तो bulldozer लेकर आएंगे और
हम थोड़ी ना कुछ कर सकते हैं।
बहुत बुरा लग रहा है। अनजान से भी दिक्कत हो रही है ना।
अनजान से भी दिक्कत हो रही है ना। नाली में तो पूरा बहुत नीचे से जा रही
है। ऑटो नहीं चल रहे, bike जाती है। बहुत दिक्कत हो रही है।
घर को छुपा दिया है।
हां गरीबी दिखती जान से।
क्या दिख जाता?
गरीबी।
गरीबी दिख जाती है। दिखानी नहीं है सरकार को।
हां।
क्या नाम है आपका?
अकमल।
कौन सी class में हो?
Eighth।
Eighth में हो। ये कब से लगाया है?
चार पांच दिन, दो तीन दिन हो गए sir।
दो तीन दिन हो गए। आने जाने में दिक्कत हो रही होगी।
हां नाली में से आ रहे हैं बहुत।
ये विश्वगुरु भारत की वो तस्वीर है जो शायद आप तक नहीं
पहुंचती। मैं पहुंचा रहा हूं। ये विश्वगुरु भारत की
राजधानी दिल्ली है। दिल्ली का वसंत विहार है। यहां पर कुछ
ऐसी खुफिया technologies हैं जिनको इन नीले और सफेद पर्दों से
ढका गया है। क्योंकि दिल्ली में BRICS summit है जिसमें
कई देशों के मुखिया, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति आ रहे हैं तो वो
हमारे इस देश की ये जो खुफिया technology है, यहां
पर खुफिया technology, space technology से बनाए गए लोग और इन
घरों को ना दिख जाएं उन्हें छुपाने के लिए ये पर्दे लगाए गए
हैं और आप देखिए कितना अच्छा इंतजाम है कि किसी
की नजर ना पड़ जाए। मतलब पहले भारत सोने की चिड़िया
था। अंग्रेजों की नजर पड़ी तभी तो हमें लूट लिया गया। तो अब
प्रधानमंत्री मोदी की जो मतलब कोशिश है वो कितनी शानदार
है कि अब जो भारत की सोने की चिड़िया है, उस पर दोबारा किसी
की नजर ना पड़े और नजर ना पड़े इसीलिए ये पर्दे लगाए गए हैं।
क्योंकि नजर पड़ी तो फिर से वो लूट लेंगे और वो तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
नहीं होने दे सकते।
End of transcript · 508 words