Imran Khan's Vision for Pakistan
मैंने किया। मैंने किसी से पैसा नहीं किया। अल्लाह ने
दिया मुझे इतना ज्यादा। मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं अपनी कौम के लिए कुछ करूं।
ऐ मेरी जमीन। अफसोस नहीं जो तेरे
लिए सौ दर्द सहे। महफूज रहे तेरी
आन सदा। चाहे जान मेरी ये रहे ना रहे।
गोलियां खाने के बाद वो बंदा जिस तरह से आया सामने और वो
तकलीफ में लेकिन जैसे ही वो अपने workers की तरफ देखते हैं
तो वो मुस्कुराते हैं और वो हाथ हिलाते हैं और उसके बाद वो मुक्के
का निशान बनाते हैं। ये होता है leader।
तेरी मिट्टी में मिल जावा गुल बनके
मैं खिल जावा। इतनी सी है दिल
की आरजू।
तो क्यों ना लोग believe करें कि इमरान खान जब कहता है कि मैं नया पाकिस्तान
बनाऊंगा तो ये बना लेगा।
तेरे खेतों में लहरावा। इतनी सी
है दिल की आरजू।
एक मुल्क का Prime Minister वो मुल्क के बाप की जगह रखता है।
उसकी कौम उसके बच्चे होते हैं।
मैं कभी अपने लोगों को किसी और मुल्क के
लिए कुर्बान नहीं कर सकता।
सरसों से भरे खलिहान मेरे। जहां झूम के
भंगड़ा पा ना सका। आबाद रहे वो
गांव मेरा। जहां लौट के वापस जा ना सका।
लोगों ने कहा कि इमरान खान तुम्हारी जान को खतरा
है। पाकिस्तानियों
मेरी जान इतनी जरूरी नहीं जितनी आपकी आजादी। इस मुल्क को
जरूरत है।
ओ वतना वे मेरी वतना वे तेरा
मेरा प्यार निराला था। कुर्बान हुआ
तेरी असमत पे मैं कितना नसीबों वाला
था।
लेकिन अगर मुझे कुछ होता या जेल में जाता या मार देते तो आपने यह
साबित करना है कि इमरान खान के बगैर भी यह कौम
जद्दोजहद करेगी और यह पतरी।
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