ITBP प्रमुख का चीन सीमा पर बयान और सरकार की प्रतिक्रिया
खबर सिर्फ ये नहीं है कि ITBP के Chief ने वो बात कह दी जो
भारत सरकार छुपाना चाहती थी
और ये कि अगले दिन आज MEA को वो बात
officially accept करनी पड़ी। यही नहीं ITBP
ने अपनी website से अपने ही Chief के video को हटा
दिया। वो ITBP Indo Tibetan Border Police
जो कि चीन का मुकाबला करने के लिए बनी special force है।
जिसके Chief ने retire होने से पहले कहा कि हमारे पास शौर्य
की कमी नहीं है, equipment की कमी है क्योंकि चीन
लगातार हम पर हमला करता आ रहा है, border को cross
करते जा रहा है। खबर आपको समझने के लिए एक सवाल पूछना पड़ेगा
कि भाई हमला चीन कर रहा है, पर्दा हम क्यों डाल रहे हैं?
खबर नई नहीं है। दो हज़ार बीस के June में जब
गलवान में चीन ने हमारी एक चौकी पर कब्जा किया, हमारे
बीस जवान शहीद हुए। उसके अगले दिन भारत के
प्रधानमंत्री ने कहा ना कोई हमारी सीमा में
घुसा है, ना हमारी चौकी पर किसी का कब्जा है
और चीन ने पूरी दुनिया को India के Prime Minister का video
दिखाया। देखो हमने तो कुछ किया ही नहीं है। कोई problem ही नहीं है। जब
General नरवणे ने पूछा कि चीन की फौज का मुकाबला करने के लिए क्या
action लूं तो जवाब मिला "जैसा उचित समझे करें"।
जब Operation सिंदूर में Lieutenant General राहुल सिंह ने कहा
कि इस सबके पीछे China का हाथ था। सरकार ने General
से अपने Lieutenant General की बात को contradict करवाया।
एक तरफ हमें कहा जाता है चीन से खिलौने मत
खरीदो। दूसरी तरफ import दनादन बढ़ता
जा रहा है। एक तरफ लाल आंख दिखाने की बात होती है,
दूसरी तरफ शी को हिंदुस्तान में आने का न्योता दिया जाता है।
प्रधानमंत्री भाग के Beijing जाते हैं। खबर यह है
कि पिछले कुछ सालों में कोई नौ सौ square kilometer
के area पर चीन की फौज ने कब्जा कर लिया है लद्दाख में
और आशंका है कि पिछले कुछ महीनों में पूरा
का पूरा अरुणाचल के border में पाँच से सात kilometer तक
चीन की फौज आगे आ गई है। खबर यह है
कि छप्पन inch छाती, राष्ट्रवाद, माँ भारती के गौरव
ये सारे dialogue सिर्फ TV studio तक सीमित
हैं। जब चीन का सामना होता है, फूंक निकल
जाती है इनकी। मुंह में दही जम जाता
है। और पता है खबर क्या है
कि उस ITBP के कुछ हिस्से को चीन का सामना
करने की बजाय अब जंतर मंतर पर लेकर आए हैं।
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