Exploring the Symbolism of Lord Shiva
मानो कि आप शिवजी को नहीं जानते। लेकिन शिवजी क्या है, बताने की आज कोशिश
करूंगा। कि त्रिपुण्ड्रमल ललाट पर
सम्मुख मेरे ये कौन है?
जटाओं में प्रलय है,
अनंत फिर भी मौन है। ये चक्षु, ये भुजाएं, होंठ मंद,
मुसकाए, छंद वाणी में जो उनकी, उनको कैसे हम सुनाएं। उनकी चाल में वो
ताल और सीना जैसे ढाल। श्याम रंगी कंठ उनका, देह मेरु सम
विशाल। डमरू डम डम डम बाजे जब वो चमर पे विराजें। जटाजूट में से
निकले जिनके धारा एक नीर की। प्रवाह अपना तेज कर जो पर्वतों को
चीरती। जिनकी चमक धमक से धरा की रातें रोशन है। वो चंद्रमा
भी उनका एक केवल आभूषण है। हाथ में त्रिशूल धरा यह
शेषधारी कौन है? त्रिनेत्र में विनाश है, ये फिर भी कितने मौन
है।
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