Impact of Flood on School Children
धादिङ के बैरनी में नेपाल के धादिङ के बैरनी में
एक बागेश्वरी माध्यमिक विद्यालय है। इस स्कूल में मैं हूं
और स्कूल की स्थिति कैसी है, वो आप देख सकते हैं।
प्रकृति ने कैसी मार ही है, किसी को नहीं छोड़ा
है। यह class room number six
है। ये स्कूल का room number six है और
इस classroom की स्थिति को आप
देखकर बहुत आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर
प्रकृति ने बच्चों को भी नहीं छोड़ा और कैसी परीक्षा ली है
बच्चों से। यह कोई अपना ID card छोड़कर गया,
कोई school bag छोड़कर भागा, कोई tiffin box छोड़कर
यहां से किसी तरीके से जान बचाकर निकला और इस classroom में
जितने बच्चे थे उन्हें उनके पास जैसे ही यह सूचना पहुंचती है,
जैसे ही उन तक यह बात पहुंचती है कि ऊपर से बाढ़ आ रही
है तो बच्चे यहां से किसी तरीके से निकल जाते हैं
और उनका यह जो classroom आप देख रहे हैं, उनका
उम्मीदों का बस्ता अभी भी यहां है। उन्हें नहीं पता था कि वो जिस
उम्मीद के बस्ते के साथ जा रहे हैं, लौटते वक्त उन्हें जान
बचाकर निकलना होगा। इस
classroom
में जितने बच्चे थे और इस school में
जितने बच्चे थे, करीब 700 बच्चे उस वक्त school में थे और
सुबह
के साढ़े 10 बजे थे। तब वो बच्चे किसी तरीके से यहां
से जैसे उनके पास सूचना पहुंचती है तो उनके school के जो
teacher हैं वो उन्हें यहां से निकाल कर ले जाते हैं। आराम
से आराम से उन्हें school से निकाल कर ले जाते हैं और ऊपर
वाले हिस्से में लेकर जाते हैं ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। लेकिन
उनका यह bag, उनका यह tiffin box
और classroom में बच्चों का यह ID card इस बात
की गवाही है कि उस वक्त बच्चे किस तरीके से
डरे रहे होंगे, किस तरीके की बातें उनके मन में चल रही होगी
कि वो
अपना bag, अपना tiffin box, अपना ID card, अपना water bottle तक
वो संभाल नहीं पाए। आप जानते हैं जब वो बच्चे यहां से जा
रहे होंगे तब उनके मन में जो बातें चल रही होगी वो बातें
वो ता उम्र भूल नहीं पाएंगे।
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