Critique of Indian Education System and Government
ना पढ़ा हूं ना पढ़ने दूंगा। यही मंशा है इस fraud, 420 और
देशद्रोही Prime Minister नरेंद्र मोदी की,
जिसको teleprompter के बिना एक word बोलने नहीं आता। फै, फै, फै, फै हो जाता है
पूरे देश के सामने, पूरे दुनिया के सामने।
जिसको पढ़ाई लिखाई से कोई लेना देना नहीं है। जिसको सिर्फ हिंदू मुस्लिम करना आता
है। उसके राज में पिछले 12 सालों में
अनगिनत government schools बंद हो चुकी है। अभी तक 1 लाख schools बंद हो चुकी है
और every day 10 से 15 schools बंद हो रही है और जो schools चालू है
उनकी भी हालत बद से बदतर है। ना बैठने को जगह है, ना छत का ठिकाना है, ना
पीने को पानी है, ना toilet है, ना teachers है। उनकी मरम्मत करने का
इनके पास पैसा नहीं है लेकिन इसकी शक्ल चमकाने का इनके पास पैसा है। इनके
गोबर जैसे दिखने वाले लोग जो BJP के कार्यकर्ता है, MPs है, MLAs
है, उनके बड़े बड़े hoardings लगाने के लिए पैसा
है। इसकी foreign trips के लिए पैसा
है और यह बात इसका गूं खाने वाले अंधभक्त जो तिलक लगा
के जय श्री राम बोलते हैं, जिनको free का राशन मिलता है। ₹3000।
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