Cultural Diplomacy in International Relations

देखिए मैं आपके दोनों प्रश्नों का क्रमवार उत्तर देता हूं। प्रधानमंत्री जी ने

संत तिरुवल्लुवर की जिस पुस्तक को भेंट किया

है वह तमिल साहित्य में बहुत ही पूज्य और आदरणीय ग्रंथ

माना जाता है, जिसको तिरुक्कुरल कहते हैं। इस तिरुक्कुरल

में कुल एक हज़ार

तीन सौ तीस पद हैं और जिसे तीन भागों में विभाजित किया गया

है। जिसे कहा गया आरम, परुल और

काम। और exactly अब देखिए यह हमारे कुछ

लोगों को बहुत इस पे बहुत तेज जो है वह मिर्ची लग सकती

है। आरम, परुल और काम। यह exactly

वही है जिसको धर्म, अर्थ और काम कहा गया है

मनुस्मृति में, धर्मशास्त्र शास्त्र में। और उसमें भी

त्रिवर्ग

कहा गया है और तिरुक्कुरल में भी तीन ही भाग हैं और तीनों

उसी sequence में हैं। आरम, परुल और काम। अब आप यह कहेंगे इसको

रशिया को देने का क्या मतलब था? तो मैं यह कहना चाहूंगा आपके दर्शकों में

शायद बहुत लोगों को न पता हो कि रशिया की जो सबसे बड़ी

अ-नदी है वोल्गा। वोल्गा की जो सबसे बड़ी

tributary नदी है उसका नाम है काम। बहुत लोगों को नहीं

पता होगा कि वोल्गा नदी के साथ जो नदी मिलती है उसका

नाम है काम और वोल्गा में दूसरी tributary आकर मिलती है जिसका नाम है

मोक्ष। वो direct नहीं मिलती है। वो मोक्ष नदी आकर पहले

ओका नदी में मिलती है और ओका नदी वोल्गा में मिलती है। अर्थात

काम और मोक्ष दोनों वोल्गा में आकर मिलते हैं। यह

दर्शाता है कि कहीं ना कहीं हमारा बहुत प्राचीन काल का

बहुत गहरा संबंध रूस के साथ रहा है और आप में से

बहुत से दर्शकों को शायद पता हो Russian language में Eleven के लिए word है

एकादश। यह भी कहीं ना कहीं दर्शाता वो विषय थोड़ा अलग

है। मैं सिर्फ यह बताना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने

बड़ी दक्षता के साथ अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों

में, जो हम कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक यानी

diplomatic, economic and strategic aspect को तो सभी

लोग करते थे मगर हमारा जो cultural aspect है यानी सांस्कृतिक

aspect उसको जिस दक्षता के साथ प्रयोग किया है और यह जो

भावनात्मक संबंध देशों के साथ जोड़ता है यह दर्शाता है कि

भारत को यदि विश्वमित्र के रूप में उभरना है तो निश्चित रूप से इस प्रकार की

चीजें बहुत महत्वपूर्ण थी। जैसे आपने देखा था इंडोनेशिया में प्रंबन मंदिर

के, को archeological survey को दिया था तो अभी

उज्बेकिस्तान में

तमरेज के बौद्ध विहार को भी दिया था। इस ढंग का cultural

connect दुनिया में किसी देश के पास नहीं है। मैं बहुत विनम्रता और दृढ़ता से

कहता हूं चाइना भी इसमें आने वाला है। Last year September में याद करिए

जब चाइना के Foreign Minister भारत में आने वाले थे। चाइनीज Embassy ने official tweet

क्या किया था? भगवान गणेश की एक भित्ति चित्र जो वहां

की गुफा में है, उसने खुद लिखा था This is the

statue of Ganesha in the Magao caves by

Tang dynasty in 8th century. इस ढंग का जो शानदार

हमारा connect था। अफसोस की बात यह है कि वह राजनीति की बलिवेदी के कारण

हम कभी विदेशियों को show ही नहीं करते थे। हम एक मुर्दे के मकबरे

को show करते थे कि बस यही मकबरा अजीबुशान है और यही भारत

की पहचान है। अब आप

End of transcript · 546 words

iPhone app Translate videos on your iPhone Paste a TikTok, Instagram or X link, add subtitles in your language and save the video to Photos.

Read any video in your language

Paste a link from X, TikTok, YouTube or Instagram. You get a page like this one.

© 2026 TranslateMom Transcripts Sources Pricing Legal