In india
गुजरात की इतनी बड़ी न्यूज़ को कोई भी न्यूज़ चैनल अपने न्यूज़ चैनल पे क्यों नहीं दिखा रहा है?
यह बहुत बड़ी हैरानी की बात है। अभी गुजरात में इतना बड़ा फार्मर प्रोटेस्ट चल रहा है।
सच बताऊं ना, अगर यह फार्मर कुछ कमाना छोड़ गए ना, तो भूखे मर जाएंगे लोग।
कम से कम इनकी इज्जत तो करो कि इनकी आप जमीन यूज़ कर रहे हो लेकिन इनको बदले में क्या मिल रहा है।
आपको यह बात पता होगी कि कच्छ के अंदर अभी सोलर और विंड एनर्जी का एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट आ रहा है।
अब वहां पे एनर्जी बनेगी तो सही, लेकिन उसको फैक्ट्रीज तक, लोगों तक, लोगों के घरों तक कैसे पहुंचाया जाएगा?
उसके लिए टावर लगाने पड़ेंगे, ट्रांसमिशन वायर्स डालनी पड़ेगी, तभी तो वो एनर्जी जो है लोगों के घरों तक, फैक्ट्रीज तक पहुंचेगी ना।
अब उसके लिए लोगों की जमीन यूज़ की जा रही है। अब लोगों की जमीन यूज़ कर रहे हैं तो उसके लिए उनको कंपनसेशन देना,
जितना बोला है उतना तो देना पड़ेगा ना। लेकिन अब जो है सरकार वो कंपनसेशन उनको उतना नहीं दे रही है।
लेकिन उनकी जमीनों के ऊपर बड़े-बड़े टावर जो हैं वो लगा लिए गए हैं।
आठ डिस्ट्रिक्ट ऐसे हैं जो इसमें यूज़ किए जा रहे हैं। जो ट्रांसमिशन वायर यहां से डाली जाएगी उसमें आठ डिस्ट्रिक्ट यूज़ हो रहे हैं।
हमारे कच्छ से लेके साउदर्न गुजरात तक ये पूरी इलेक्ट्रिसिटी जो है प्रोवाइड कराई जाएगी।
बहुत अच्छी चीज है, बहुत अच्छा काम हो रहा है। इलेक्ट्रिसिटी के लिए बहुत बड़ा इनिशिएटिव है।
लेकिन फिर भी लोगों के द्वारा जो बातें कही गई हैं उनको क्यों नहीं पूरा किया गया?
अब फार्मर्स ने यहां बोला है कि जो आप ट्रांसमिशन वायर हमारी जमीन के नीचे से लेके जाओगे उसका हमें 30% कंपनसेशन चाहिए।
तो वो इन्होंने पहले एग्री कर लिया।
और उसके साथ-साथ जो टावर लगेंगे, आपको पता है टावर जहां पे लगता है वो जमीन तो सारी वेस्ट हो जाती है।
अब टावर लगने का वहां पे उन्होंने उस टाइम बोला था कि 200% हम आपको कंपनसेशन देंगे।
लेकिन अब यहां पे दोनों चीजें नहीं हो रही हैं।
इसीलिए ये जो फार्मर हैं ये प्रोटेस्ट पे उतर आए हैं।
अब ये प्रोटेस्ट जो है वो धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, तो भूख हड़ताल पे ये लोग बैठे हुए हैं।
लेकिन इनकी बात कोई नहीं सुन रहा है।
तो मुझे ये समझ नहीं आ रहा है कि जब इनकी जमीनें ली जा रही हैं, जिन जमीनों पे ये अनाज उगाते हैं, तो कम से कम इनको कंपनसेशन तो पूरा मिलना चाहिए ना।
एक किसान जो होता है ना, वो सब कुछ दे देगा लेकिन अपनी जमीन नहीं देता है। उन्होंने फिर भी कहा कि आप हमारी जमीन लो,
ग्रीन एनर्जी के लिए आपने हमारी जमीन यूज़ करनी है आप करो, लेकिन उसके बदले में हमको कंपनसेशन पूरा मिलना चाहिए। इसमें क्या गलत मांग लिया उन्होंने?
अब कोई भी न्यूज़ रिपोर्टर इसको नहीं दिखा रहा है, कहीं भी ये न्यूज़ नहीं दिख रही है।
लेकिन उनकी बात को जरूर सुनना चाहिए और उनको पूरा कंपनसेशन मिलना चाहिए जो उनको बोला गया था पहले।
गुजरात एक ऐसी स्टेट है जहां से हमने ये सब तो नहीं एक्सपेक्ट किया था, बट अब ये चीजें वहां से भी देखने को मिल रही हैं।
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