Discussion on Violence and Non-Violence
हिंसा से संघर्ष हो सकता है पर
समाधान नहीं। अहिंसा परमो धर्म।
मैं ऐसे लोगों को ढूंढ रहा हूं जो जिंदा अंग्रेजों का कलेजा फाड़ के खा
जाएं।
ज्ञातियों से, कलाकारों से मैं यह कहना चाहूंगा
कि आज के दौर में
कलम बंदूक से बड़ी नहीं। अधिक से अधिक मात्रा में
लोग फौज में भर्ती हो जाओ। Training लो,
mechanic बनो, commander बनो। फिर समय बताएगा
कि बंदूक की नली किस ओर घुमानी
है।
End of transcript · 74 words