Journalists Facing Harassment and Detention
सबसे पहली बात तो आप सब लोगों को सलाम। हम जानते हैं कि आप
कहते रहे गए कि हमारे हाथ में प्रेस कार्ड है। यह हमारा प्रेस कार्ड है
और मारपीट करके कैरवन के क्विंट के journalists को
जबरदस्ती detain किया गया। घंटों detention में रखा
गया। बजाय यह जानते हुए कि उनके हाथ में प्रेस कार्ड है।
हमने देखा किस तरीके से cameras छीन लिए गए journalists
के और उनको बोला गया कि आपको नहीं मिलेगा camera अगर आप इसको cover
करेंगे। और कल shockingly हम देखते हैं कि एक
journalist जो cover कर रही होती है news और उनको sexually
harass करते हैं विवेक भगत। जब वो FIR दर्ज करने जाती
है तो कल पता चलता है कि उनके ऊपर उल्टी FIR
दर्ज हो जाती है। और यह जो इस देश में हुआ है कि
जब आम जनता police के पास न्याय की appeal करने
के लिए पहुंचती है तो वह police law and order को
maintain करने के बजाय एक particular political party
का, का साथ देते हुए जनता पर ही crackdown
करती है। This is a classic example of what we have been seeing in this
country for so long. तो आप सब लोगों को सलाम है हमारा कि
आप लोग मार खाते हुए अपना बहुत लाख लाख
रुपए का equipment compromise कर देती है police। इसके
बावजूद सड़कों पर हमारे साथ सच दिखाने के लिए खड़े हुए
हैं। हम जानते हैं कि आप इसलिए खड़े हैं क्योंकि आप समझते हैं कि
पत्रकारिता का काम किसी भी दौर में जो कुछ भी चल
रहा है उसको दिखाना है। किसी political party का dictate follow
करना नहीं है। Political party के dictate follow करने वाले लोग अपने
studio से चिल्लाते रह जाते हैं और वो लोग जो अपने bylines
नागपुर के headquarter से लेते नहीं है वो सड़कों पर संघर्ष करते हैं। आप सब को
हमारा सलाम है। हम लोग
अ, इससे शुरू करेंगे। हिंदी की एक कविता है।
रश्मि रति नाम है
उसका।
उस।
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