Critique of Historical Role Models in Pakistan
भले आप मलेशिया को ले लें, इंडोनेशिया को ले ले,
जो मुस्लिम majority countries हैं,
वो तो disown नहीं करते अपनी हिंदू ancestry को, ठीक है। लेकिन यह
वाहिद जो चीज है वो हमारे पाकिस्तानियों में पाई जाती है और
जाकर वो celebrate किनको करते हैं, उन invaders को जिनसे ना इनका खून
का रिश्ता है और जिन्होंने यहां पर आकर जो काम किए
वो भी कोई ऐसे inspirational नहीं थे। यानी कि आप खुद सोच सकते हैं
कि यहां पर मोहम्मद बिन कासिम आया, ठीक है, temples
तोड़े गए, जो खवातीन थी, मतलब हिंदू खवातीन को
बाजारों में बेचा गया। औरत बाजार करके जो है, एक बाजार
लगता था जहां पर बाकायदा खवातीन को products की तरह, object की तरह
sell out किया जाता था और मैं आपको बताती चलूं कि वो लोग भी जो claim करते हैं कि जी
हम
उन्हीं जो हमारे invaders आए थे, ठीक है, उन्हीं की, उन्हीं की खानदान
से, उन्हीं की bloodline से हैं, तो बताती चलूं कि भाई वो यहां अकेले आए थे।
वो मर्द हजरत थे। अपनी खवातीन को साथ jihad पे या
इस्लाम फैलाने नहीं लेकर आए थे। जो खवातीन थी, जिन
पे उन्होंने जुल्म किया या जिनको rape का निशाना बनाया, वो हिंदू खवातीन
थी। वो आपकी अपनी माएं ही थी। वो आपकी अपनी इसी
धरती की खवातीन थी जिनको जाकर उन्होंने rape भी किया और
फिर जाकर उन्होंने उनके बाजार लगाए। ठीक है तो, लेकिन इस
चीज को गलत नहीं समझा जाएगा। ठीक है, खिलजी की आप example ले
लें। बेशुमार इनके जितने भी इस किस्म के। महमूद गजनवी आया, जिसने
लूटमार भी की, जिसने temples तोड़े,
उनको बुरा नहीं समझा जाएगा और उसकी सिर्फ एक वजह है कि वो मुसलमान
थे। इस वक्त पाकिस्तानी कौम जो इतनी morally bankrupt
हो चुकी है, यानी कि पाकिस्तान कहने को तो इस्लामी
country है, लेकिन यहां corruption
भी है, यहां pedophilia भी है। मसाजिद में बच्चों
के rape होते
हैं। खवातीन के साथ जो स्लूक होता है, पाकिस्तान में वो सबसे
बद्दतरीन है। यानी कि पाकिस्तान अब आखिरी बद्दतरीन
countries में रह गया है, जहां पर सबसे ज्यादा औरतों के साथ बुरा
स्लूक होता है। हर
किस्म की corruption, हर किस्म की नाइंसाफी आपकी country में है।
कहीं उसकी
यह वजह तो नहीं है कि जो आपने अपने heroes या अपने role models बना रखे हैं,
वही सही role model नहीं है। यानी कि उनको आप सिर्फ इसलिए अपना role model
मानते हैं कि वो मुसलमान थे, जबकि उनके actions इस तरह के नहीं थे कि
उनको inspirational लिया जाए। कहीं ऐसा ही तो नहीं है कि उनको hero मानने की वजह
से जो आम पाकिस्तानी अवाम है, सुनी सुनाई बातों पर यकीन रखती
है, वो भी यह मान लेती है कि बस मुसलमान होना
काफी है।
बाकी आप जो मर्जी करते रहो। आपके character में जो मर्जी खराबी हो, भले
आप अपने future में जाकर हालात भी ठीक ना करना चाहो, आप अपनी
सोच में तब्दीली ना लाना चाहो, लेकिन अगर आप मुसलमान हो तो आप ठीक
ही रहोगे। आप सबसे बेहतर ही रहोगे। आप दूसरों से superior ही
रहोगे। कहीं यही वजह तो नहीं है कि क्योंकि पाकिस्तान ने अपने role
models ही गलत चुने हुए हैं। मतलब वो लोग जो
invaders थे, जो looters थे, उनको अपना बनाया
हुआ है, सरभरा अपना hero बनाया हुआ है। उनकी जहनी
गुलामी में आज तक पाकिस्तान मुब्तिला है। कहीं यही वजह तो
नहीं है कि पाकिस्तानी अवाम इतनी morally bankrupt हो चुकी है।
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