Analysis of Bhopal Metro's Performance
चलो देखते हैं इंडिया की सबसे फ्लॉप मेट्रो कैसी है और ये फ्लॉप क्यों है ये भी पता करते हैं।
तो मैं बात कर रहा हूँ भोपाल मेट्रो की जिसे स्टार्ट हुए करीब सात महीने हो चुके हैं।
मैंने रानी कमलापति से एम्स तक की ₹30 पर पर्सन की टिकट ली
और जैसे ही मैं मेट्रो स्टेशन के अंदर गया, मेरे अलावा किसी का नाम ही नहीं था।
कहीं मैं दानिश भाई तो नहीं?
पहली बार मैंने ऐज़ अ वीआईपी फील किया क्योंकि बैग टच करने वाले सिक्योरिटी गार्ड यहाँ पे थे ही नहीं।
दो से तीन मिनट में हमारी मेट्रो आ गई जो कि लिटरली मेरे कार के फ्यूल टैंक की तरह ही खाली थी।
अगले स्टेशन से नो वे होम के तीन स्पाइडरमैन चढ़े।
(चीखने की आवाज़)
जिनसे बात करने पे पता चला ये कहीं जाने नहीं बल्कि मेट्रो घूमने आए हैं।
मतलब तीन वेले लड़के, एक इन्फ्लुएंसर और एक उसका कैमरामैन।
टोटल पाँच वेले लौंडों ने भोपाल मेट्रो के रेवेन्यू में कुल ₹120 का योगदान दिया।
जबकि हमें यहाँ तक लाने में भोपाल मेट्रो के लाखों रुपये खर्च हो गए।
आँकड़ों की मानें तो भोपाल मेट्रो की रोजाना ऑपरेशनल कॉस्ट करीब ₹8 लाख है।
जो कि अभी के लिए इस मेट्रो को सबसे फ्लॉप मेट्रो बनाते हैं।
जिसका रीज़न है कि ये अभी सिर्फ एक लाइन के लिए चालू की गई है।
और दूसरा रीज़न ये है कि अभी यहाँ पे मेट्रो से ज़्यादा ऑटो फ़ास्ट हैं।
पर देखते हैं जब भोपाल में पूरी तरीके से मेट्रो बन जाती है, तब शायद भोपाल मेट्रो एक हिट मेट्रो हो जाए।
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