Political Commentary on National Debt
भाइयों और बहनों, 2014 में देश पर कर्ज था 46 लाख करोड़।
और आज मेरी मेहनत देखो, 197 लाख करोड़ कर्ज है।
हिंदू-मुस्लिम में जनता को उलझाया, खजाना अडानी-अंबानी के घर गया।
मंत्रियों को इतना सेट कर दिया कि 1000 साल तक उनकी औलादें भी अय्याशी कर सकें।
फॉरेन ट्रिप भी चालू, मीडिया भी काबू में।
और जनता? वो आज भी राशन और ईएमआई में डूबी हुई है।
अंग्रेज ऊपर से लूट कर गए थे, मैं अंदर से सिस्टम बनाकर लूट रहा हूँ।
क्योंकि ये तुम्हारा देश है भाई, मेरा तो सिर्फ एटीएम है।
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