Protests and Political Commentary in India
सारे के सारे राक्षस बन गए। मान ही नहीं रहे। ये तो
राक्षस है, मनुष्य नहीं।
आज तो बहुत बुरा हुआ। मैंने कुछ किया कहीं बहुत कुछ
नहीं। कोई
बात नहीं।
Very Very Bad. This is not India. This is
This is POK. This is exactly POK. I have gone to Kashmir
and this is what they have done to Kashmir and Now this is what they are doing to
Delhi. इन्होंने कश्मीर को भी खोखला कर दिया है और
अब इन्होंने
दिल्ली को भी वही बना रहे हैं। पहले इन्होंने Emergency में जिस तरह नसबंदी की,
ये Modi emergency में they want सब गूंगे। किसी की भी जबान
ना हो, जो जबान लाएगा बस पकड़ा जाएगा। क्या मेरी
गलती क्या थी? जो बच्चे दूसरों के लिए बोल रहे हैं,
उनको जिस क्रूरता से पकड़ रहे
थे, मैंने कहा शर्म करो, मत पकड़ो, हड्डियां टूट जाएंगी, उनकी टांगें
टूट जाएगी। Ladies का कंधा निकल जाएगा। मानने को तैयार
नहीं। फिर मुझे कह रहे हैं आप बोल रही हैं, आप ही चलो, आप ही चलो।
कोई बोले ना कोई इनकी इन गंदों को बोले ना जो
आवाज नहीं उठाओ। गूगा बंदी। मैं कह रही हूं Emergency में। 素 有 अब
गूगा बंदी है। बस दिए जलाओ, दफन हो जाओ। That's all। शर्म
करो Modi के सारे छल्ले emotional जेब में डाल
रहे थे। किस लिए? क्योंकि मैं बोल रही थी कुरता पहनो और फिर
वही
कुर्ता इन्होंने मुझे दिया। ये बोलें क्यों?
शर्म करो। मैं तो protest में भी नहीं थी। मैं बस यही कह रही हूं कि
आराम से कर लो। उठाना आराम से कर लो और ये करके दिया है।
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