युद्ध और शांति पर विचार: कृष्ण और हनुमान के उदाहरण
कुछ लोग वो सोचते हैं कि जो स्टॉपेज किया हमने, जो रुख गए हम, वो सही माईने में गलत था.
हाँ, नहीं रुखना चाहिए. युद अन्तीम उपाय होता है सांती का.
अगर हम चाहते हैं कि युद नहों हो, तो युद के लिए तयार रहना पड़ता है.
लोग पी जाते समंदर खारा नहीं होता तो.
अगर युद इतना ही खराब था, तो बासुरी बजाने वले किर्षन करणिया कभी महाभारत होने नहीं देते.
कुछ होते हैं यहाँ पे युद रहना.
हर भगवान को देखिएगा सांती के प्रतीग हैं, लेकिन सब के पास अपना हतियार है.
करुणा से भरे हुए हमारे बजरंग बली, लेकिन गदा साथ में रखते हैं.
करुणा से भरे हुए, क्या नहीं मांगने पे देते हैं आप?
किर्षन भगवान, हमेशा, कौरों से तो ऐसे बात करने गए थे, पांच गाउं मांगने, जैसे कोई बहुत मान, एक याचक है, साधारन याचक, सुदर्शन चकर लेकिन.
End of transcript · 144 words