Discussion on Gurudwara and NEET Exam
वैसे तुम लोग Fortis Hospital, PGI, entrance exam के लिए
जब चंडीगढ़ आते हो, तो मुंह उठा के यहाँ क्यों चले आते हो?
सरदार साहब, हम NEET का exam देने हिमाचल से यहाँ आए हैं।
दो दिन के लिए हमारी गुरुद्वारा के अंदर रहना और खाने की व्यवस्था करवा दो।
हाँ बेटा, बिल्कुल। अंदर चलो, सब इंतज़ाम हो जाएगा।
गुरुद्वारा में चार दरवाज़े इसलिए होते हैं कि सब धर्मों के लोग यहाँ आ सकें।
हमको तो पाँच और छह नंबर वाला दरवाज़ा बताओ कहाँ है।
सरदार जी, हम चार-पाँच दिनों के लिए घूमने-फिरने यहाँ आए हैं
और जेब में पैसा-खर्चा कुछ नहीं है। तो हमारी व्यवस्था यहाँ गुरुद्वारा में करवा दो।
हाँ जी, बिल्कुल। चिंता मत करो, सब इंतज़ाम हो जाएगा।
सरदार जी, मैं यहाँ अपना इलाज करवाने आया हूँ। मैं भी यहाँ पाँच दिन रुकूँगा।
अरे, कोई बात नहीं। गुरुद्वारा में चार दरवाज़े इसलिए होते हैं कि सब धर्मों के लोग यहाँ आ सकें।
ओए, तुमको चार दरवाज़ों से क्या लेना-देना?
तुम जाओ पाँच और छह नंबर के दरवाज़े पे, लंगर हॉल और सराय हॉल। एन्जॉय करो, मुफ़्तख़ोरो!
क्योंकि तुम बेवकूफ़ों ने फ़्री का होटल जो खोल रखा है हमारे लिए।
वैसे तुम हमको रोक के तो देखो। 1984 याद है ना?
और जो ये हुड़दंगी बार-बार दिखा रहे हैं कि तुम्हारी बस की क्या है...
हमारे बस की में जो हमने किया है, वो शायद इतिहास में... जब देश पे जब सब लोग पीछे हट जाते हैं, वहाँ पे हमारी गढ़वाल राइफल्स आ जाती है आगे।
जो आज इतनी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं,
उन्हें एक बारी ऑपरेशन ब्लू स्टार देखना पड़ेगा कि अगर गढ़वाल राइफल्स वहाँ घुस सकती...
तुम उन्हीं गढ़वालियों को उन्हीं के गढ़ में चुनौती दे रहे हो?
वो सैनिक अभी भी रिटायरमेंट पे हो चुके हैं और यहीं पे हट्टे-कट्टे हैं, तंदुरुस्त हैं। लड़ना आता है उनको।
पहाड़ियों के खून में उबाल...
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