मंदिर में मुस्लिम व्यक्ति की मौजूदगी पर महिला का विरोध
हुसेन
और हुसैन का यहां पर क्या काम है बाबा?
मंदिर में हो आप।
मुसलमान यहां पर पूजा करके आप ईद मनाते हो?
बकरे खाते हो?
प्र foodstuffs से बात।
सरकार से
बात की। अरे भाई साहब आपने भी तो नाम क्या है?
अब मेरा नाम मतलब। अशोक नाम।
अशोक है। भाई साहब खुद ही आप तू तू है।
अगर आप लोग हिंदू होकर इन लोगों को
बर्दाश्त कर रहे हैं तो जिहादियों आपको बता दूं।
बात क्यों ना।
किस बात की सरकार से बात करो।
ये गाय का तो पूजा करते हैं, बकरी का
पूजा कर रहे हैं यहां पर।
आपकी मान बना रही है।
एडिशनल कमिश्नर ऑफिस।
तुम जैसे लोगों के कारण ही होता है ये सब।
से बात करिए आप या।
चलो एडिशनल कमिश्नर के पास चलो।
जाओ ऑफिस में जाओ। बात।
चलो।
ऑफिस में बात। मत
करो।
हुसेन साहब आपका यहां पर क्या काम है?
आप बाजारों में जाओ ना।
या सिर्फ और सिर्फ हिंदू मंदिरों से खाना होता है तुम लोगों को।
तुम लोगों की आदत होगी तुम मूर्ति भी हमारी फोड़ोगे और तुम हमारे ही मंदिरों
से खाओगे। लेकिन तुम लोगों को मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी। बिल्कुल ध्यान रख लेना।
ऑफिस में आप लोगों को बर्दाश्त कैसे कर रहे हो?
ऑफिस में जाओ।
मुसलमान किस अधिकार से मंदिर के अंदर होगा?
शिव महाराज हिंदू है।
मैम आप यहां ना यहां पर कोई आप जाओ ऑफिस के कारखाने में जाओ।
साहब ये बाबा के मंदिर है नहीं तो मैं भूत बनाती
इनका ध्यान रखो।
आप।
ये मंदिर हो मैं मजाक नहीं कर रही। मंदिर का
सम्मान हो रहा नहीं
तो ये हुसैन उदर बाहर निकल के
कलमा कलमा लिख चले गए। यहां
पर मंदिरों के अंदर कलमा लिखवा लिया है तुम लोगों ने।
कैसा नपुंसक समाज है सच में। कहां गए शूरवीर सारे के
सारे।
कहां गए श्री महाराज राजपूत से
चौहान परिवार से
और तुम लोग मजाक बनाया हुआ है यहां पर। बैठा लिए
हैं धूप खाड़े के जिहादियों को।
बेकार।
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