India's Rise in Global Rankings and Challenges
भारत ने जो पिछले 12 वर्ष में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया,
अपनी विरासत को संरक्षित करते हुए तेजी के साथ
उसने उन्हें दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया,
आज उसी को लेकर के दुनिया की बहुत सारी ताकतें ऐसी हैं
जो उसको स्वीकार करने को तैयार नहीं।
उन्हें अच्छा नहीं लगता
क्योंकि भारत अब
बॉटम थ्री नहीं बल्कि दुनिया के बॉटम फाइव राष्ट्रों में भारत की गिनती हो गई है।
यानी टॉप फाइव में भारत आ गया है।
बॉटम फाइव से टॉप फाइव की इस यात्रा में भारत ने जो यात्रा तय की है,
ये दुनिया के उन देशों को अब अच्छा नहीं लग रहा जिनको लगता है कि
अगले कुछ वर्ष में भारत टॉप थ्री में आएगा।
टॉप थ्री में मतलब अमेरिका, चीन और भारत, ये तीन देश रहेंगे जिनके बीच में प्रतिस्पर्धा होने वाली है।
और उस प्रतिस्पर्धा में भारत को रोकने के लिए अनेक षड्यंत्र होंगे।
ये षड्यंत्र होंगे
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से।
फेक अकाउंट बनाकर के जातीय समूहों को लड़ा करके,
समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करके क्षेत्र, भाषा और जाति के आधार पर
फिर से विभाजन की उन स्थितियों को पैदा करने का प्रयास, जो अंततः भारत को कमजोर करेगा।
हर एक संस्था को कमजोर करने का प्रयास।
कोई न्यायपालिका पे उंगली उठाएगा,
कोई कार्यपालिका पे उंगली उठाएगा, कोई विधायिका पे उंगली उठाएगा,
इन सबको कमजोर करने के प्रयास होंगे।
और उन स्थितियों में हमारे अधिवक्ता समुदाय की एक बड़ी भूमिका होने वाली है।
अधिवक्ता समुदाय समाज के जागरूक प्रतिनिधि के नाते,
उनका दायित्व बनता है कि समाज के इस जागरूक प्रतिनिधि के रूप में
देश और समाज के हित में जो कुछ होगा, वही हम करेंगे,
इस भाव के साथ हमें आगे बढ़ना होगा।
End of transcript · 283 words