गुरु अमर दास, पर्दा प्रथा और टिकटॉक पर वक्ता के विचार
टीस्रे गुरू थे गुरू आमर्डस आमर्डस आमर्डस परिवारी जीवन में रथेkennt to be
जीवन में रथे गुरू के कर्तव की का पलम किया था। उननोंने देखा था कि महिलां को परदा पर्था के नाम पर उनको दबाया जाता
अब मेलाओं को भी समझना चाहिए कि पर्दा पता खतम करने का मतलब ये नहीं कि जाके
टीक टॉक पर नाचने लगें समझना गया किसी चीज का मिस्यूज नहीं होना चाहिए
अगर कोई चीज का चूट मिल रहा है तो खुछ से रद नहीं कर देना चाहिए और सारी लड़कियां
और सारे लड़कें जो भी समाझ में गलती होती 10-20 परसेंट के वज़े से होती है
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