Options for Chief Election Commissioner
ज्ञानेश कुमार के पास चार options हैं। इनमें से एक उन्हें choose करना ही पड़ेगा।
सबसे पहली कि वह इस्तीफा दे दें। वैसे उनकी retirement date 26 January 2029 है
जब वह 65 साल के हो जाएंगे। अगर वह इस्तीफा देते हैं तो विधि के अनुसार सुखबीर
सिंह संधू अगले Chief Election Commissioner बनेंगे और President उन्हें appoint
करेंगी। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि सुखबीर सिंह संधू खुद Chief Election
Commissioner बनना चाहेंगे। हो सकता है वह resign कर दें क्योंकि जिस तरह से चुनाव
आयोग काम कर रहा था, पिछले कुछ सालों में वह उससे नाखुश थे।
उन्होंने 10 महीने में
14 बार पत्र भी लिखे थे। ना सिर्फ चुनाव आयोग को बल्कि भारत के
Cabinet Secretary को भी। ऐसा पहले भी हो चुका है। अशोक लवासा 2019 में
परेशान थे क्योंकि नरेंद्र मोदी जी और योगी आदित्यनाथ जी दोनों बार बार
Model Code of Conduct का उल्लंघन कर रहे थे और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही
थी तो उन्होंने चुपचाप इस्तीफा दे दिया था। 2024 के आम चुनाव से पहले याद
करिए कैसे अरुण गोयल ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्हें Croatia में हमारा राजदूत
बना दिया गया था। दूसरा option अगर वह resign नहीं देते तो उनके खिलाफ महाभियोग
भी लाया जा सकता है। यानी impeachment। Impeachment आसान नहीं होगा क्योंकि उसके
लिए
लोकसभा राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत चाहिए। एक Chief Election Commissioner का
impeachment बिल्कुल उसी तरह होता है जिस तरह से Supreme Court के judge का होता है।
Article 324 के मुताबिक। तीसरा ज्ञानेश कुमार को क्या कानूनी सजा हो
सकती है? जी नहीं। भारत की सरकार एक controversial
2023 का appointments
law लेकर आई थी, जिसमें Chief Election Commissioner और जो
दूसरे दो Election
Commissioner हैं, उनके खिलाफ किसी भी तरह का civil या
criminal proceeding नहीं हो
सकता। वो उससे immune हैं। और अब चौथा और आखिरी जो राहुल गांधी ने
suggest किया है कि तुम approver यानी सरकारी गवाह बन जाओ और system में जिस भी
लोगों ने तुम्हारे अलावा जो जो कुरीतियां करी हैं,
उनको उजागर करो। अब इन चारों में से
क्या होगा यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन एक विचार मेरे मन में आ रहा था क्या ज्ञानेश
कुमार इतने powerful हैं कि 13 करोड़ लोगों के नाम Special Intensive Revision यानी
SIR exercise करके उन्होंने खुद अपनी मर्जी से उड़ा दिए?
अगर ज्ञानेश कुमार एक कठपुतली हैं तो कठपुतली को नचाने वाला कौन है?
क्यों ना उस व्यक्ति का इस्तीफा मांगा जाए जो इन्हें पर्दे के पीछे रहकर नचा रहा था?
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