Understanding Parenting and Generational Knowledge
हमारी पीढ़ी तक
किसी को किसी ने यह नहीं बताया कि बेटा पैदा होने का जो
तरीका है वो common है और उसको सोच समझ के करना चाहिए।
हर कहीं बीज नहीं डाल दिया जाता। सोच समझ के बीज डालोगे तो
harvest अच्छा निकलेगा नहीं तो चाहते रहना।
बोया बीज बबूल का आम कहाँ से पाए?
आम का बीज डालने के लिए आम यहाँ पैदा भी तो करना पड़ेगा।
अच्छी बात है कि हमारे पूर्वजों ने ऐसा विज्ञान दिया हुआ है कि आप इस पर
इतना काम कर लो कि अगर इससे output आपको चाहिए, scientist तो मिल जाएगा पर
scientist जितना दिमाग तू खुद तो लगाएगा। scientist तो तेरे को चाहिए
पर यहाँ है क्या scientist इस body में।
इस intelligence में scientist है क्या?
नहीं है तो उससे निकलने वाला वो एक cell scientist कैसे बनाएगा जी,
कैसे बनाएगा? यहाँ तो है ही नहीं scientist। वो
scientist यहीं से तो एक cell है। दौड़ता हुआ जाएगा,
दूसरे cell से मिलेगा और नया जीवन
बनाएगा।
उन दोनों cells के पास scientist नहीं है। दोनों चाह रहे हैं scientist बन जाओ
और घर में कलेश है। यह सिर्फ इसलिए हुआ, गलती नहीं है।
जानकारी के अभाव में हुआ। परंतु आज ये जान रहे हैं आप तो
आप जितने माता पिता बनना चाहते हैं, परिवार चाहते हैं, अपने अकल ठिकाने लगा
लीजिएगा। अगली पीढ़ी को अगर आपने गलत ठहराया तो आप मूर्ख नन्द स्वामी
परमनंद से हैं।
आपसे बड़ा कोई दफर नहीं हो सकता इस planet पे क्योंकि आप यह नहीं जान पा रहे कि बीज
आपका, फसल वैसी होगी।
सोलह वर्षों से जब भी मैंने एक पीढ़ी को बोलते सुना है आज के बच्चे ऐसे हैं, आज के
बच्चे वैसे हैं, मैंने उनकी शक्ल देखी। मैंने बोला पैदा
किसने किया। अपने
product से इतना disagreement क्यों है जी?
factory के विषय में information कम है ना। You don't know what your
factory is processing inside.
You have no idea what chemistry you are carrying inside.
That chemistry creates a physics and biology. Let's be realistic.
Having said this
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