सुधीर चौधरी की सैलरी का दावा, ISRO वैज्ञानिक और प्रेस की आजादी
हमारे यहां क्यों innovation नहीं
हो रहा। आज की video आपकी आंखें खोल
देगी। भाई India में एक news anchor की salary
15 करोड़ रुपए
साल की है और यह private
news वाले की बात नहीं कर रहा। मैं दूरदर्शन की बात
कर रहा हूं जो कि आपके taxpayer का
पैसा है, आपका
पैसा है। एक army chief की salary आप
सुनके क्या कि
हैरान रह जाओगे। 59
लाख per year जो
पूरे देश को
संभालता है, पूरी army को देखता है उसकी salary 15 लाख 9
लाख रुपए
per year. दिल्ली के
AIIMS के chief की salary 52
लाख रुपए per year की
है। ISRO के जो senior scientist है
उनकी salary 43 लाख रुपए की है। पर सुधीर चौधरी
की salary यहां पर
15 करोड़ रुपए का package है।
एक तरफ करोड़ों में salary, दूसरी
तरफ देश की security, health care
space. आप सोचो जो आदमी
rocket launch कर रहा है
उसको peanut and butter दिया जा रहा
है और जो कि दिन भर दिन रात करके
सरकार के गुणगान गा रहा है
उसको 15 करोड़ रुपए का package दिया जा रहा
है और यह तो खाली package package है।
कितनी सारी facility दी
जा रही है उसका कोई तोड़ नहीं है।
मैंने आज से लगभग दो तीन साल पहले
मैं आज तक के एक program
में था। वहां पर मैंने
उनको पूछा नहीं भाई पूरे
world के अंदर India की media की ranking गिरती हुई जा रही है।
यह बोले नहीं नहीं ऐसा नहीं है।
पुष्पेंद्र तुम तो ऐसी बातें
करते हो और ऐसा कुछ नहीं
हो रहा। मेरे ऊपर कोई
pressure नहीं है। मैं ऐसे लोगों से बहुत सवाल पूछता
हूं। आप देखोगे मेरे Twitter के ऊपर जाकर देखोगे मुझे आज तक की अंजना ओम
कश्यप उनको आप जानते
होंगे। वह भी मुझे follow
करती है लेकिन मैं उनके खिलाफ भी
सवाल
पूछता हूं। कोई
follow करता है इसका
मतलब यह नहीं कि भाई आप उसके खिलाफ ना सवाल पूछो।
अगर आप सोचो यही पैसा
देश के innovation में
लगे। यही पैसा क्या
उसको दिया जाए जो वाकई जैसे
इसरो के scientist हैं।
भाई उनको कितना बड़ा motivation
मिलेगा। आज उनको क्या मिल
रहा है? कई बार ऐसा होता है कि उनकी salary भी delay
हो जाती है। यह social media के
ऊपर debate जब start हो गई। हर्ष
गोयनका जी ने यहां पर क्या
सबसे पहले लिखा कि भैया
एक इसरो के scientist की salary 27
लाख रुपए और एक
सुधीर चौधरी की salary एक दूरदर्शन
पर जो काम करता है, एक just news read
करता है उसका salary 15 करोड़ रुपए। कुछ
justification है
ही नहीं और उसके बाद से continue
यहां पर social media के ऊपर इसी
चीज का discuss हो रहा है। अब यह खुद सुनिए
मैंने सुधीर चौधरी से क्या पूछा था, उनका
क्या जवाब आया।
और अभी मैं आपसे बस एक सवाल पूछूंगा। एक छोटा सा
जैसे कि आप देख रहे होंगे भारत के अंदर जो भारत की press freedom है वह
continue यहां पर गिरती हुई जा रही
है। मतलब जो indexing
है वह continue गिरती हुई
जा रही है तो उसके ऊपर आपका क्या कहना है?
पुष्पेंद्र
बहुत ईमानदारी
से अगर मैं बताऊं मुझे 28 साल हो गए media में।
28 साल में मुझे कभी किसी ने यह नहीं कहा और मैं
अभी के पिछले 10 साल की बात नहीं
कर रहा हूं। 28 साल में शायद
ही कभी ऐसा होगा कि किसी ने
मुझे जबरदस्ती मेरे साथ कोई की हो और मुझसे
कहा हो कि आप यह खबर
चलाइए और यह खबर ना चलाइए
और अगर कहा भी है तो
मैंने I have made it a point
कि अब तो मैं वही करूंगा
और मैंने फिर वही किया है।
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