Political Commentary on Family and Ethics
अपना घर छोड़ के आया हूँ। मेरा बाप ना बीजेपी का बहुत बड़ा मेंबर है, ठीक है? पॉलिटिशियन है।
ये देख लो भाई, मैं खुद आरएसएस का मेंबर हूँ।
मेरे... मेरे पापा मेरे को कहते कि... एक मिनट, मेरे पापा मेरे को कहते कि
जो 30 बच्चे मरे हैं उनसे तेरे को क्या लेना-देना, हमें क्या लेना-देना?
तू घर में बैठ, तेरे पास पैसा है, तू लॉ की स्टडी... मैं लॉ की स्टडी कर रहा हूँ भाई।
तू लॉ की स्टडी कर रहा है, अपनी स्टडी कंप्लीट कर, तू बाहर चले जा, तेरे को इन सब चीज़ों से क्या मतलब है?
लेकिन... एक मिनट, एक मिनट, लेकिन मैंने बोला, ठीक है, कोई बात नहीं।
अगर आपके अंदर ये दिल... मैं दो भाई हूँ। आपके अंदर ये दिल है ना, तो मैं तो ये सोच रहा हूँ
कि जब आप 30 बच्चों के बारे में नहीं सोच रहे हो, तो कल को आपको कोई दो-चार करोड़ और रुपये देगा
बोलेगा मैं तेरे को प्राइम मिनिस्टर बना देता हूँ, अपने एक बेटे को कुर्बान कर दे, आप कर दोगे।
आप कर दोगे। ठीक है? क्योंकि पॉलिटिशियन ना, पॉलिटिशियन ना सबसे चोर होते हैं सर।
मेरा बाप है, मेरे को पता है, ठीक है।
नहीं, नहीं सर, हँसने वाली बात नहीं है, मेरे को पता है। क्योंकि मेरे बाप के साथ ना
मेरा बाप जिस गाड़ी में चलता है ना, उस गाड़ी को जो साफ़ भी करता है ना, वो भी
मतलब 30-40 हज़ार रुपये महीने की तनख़्वाह... एक मिनट, जो मेरा ड्राइवर है।
जो मेरा ड्राइवर है ना मेरे पापा का, वो भी 30-40 हज़ार... और मेरे पापा ना
किसी रोड छाप पे ऐसे गरीब होते हैं, उनको नहीं अपनी गाड़ी छूने देते। ये माइंडसेट है मेरे बाप का।
सबसे घटिया।
भाई देखो, हम ना इसी... और ये नहीं कि मेरे पापा पैदा हुए, उनके पास करोड़ों की प्रॉपर्टी थी।
उन्होंने भी बनाया है पहले, वो भी गरीब ही थे। बट अब वो अमीर हो चुके हैं,
उनमें घमंड आ चुका है कि कोई बात नहीं। मैंने सिर्फ उनको एक ही चीज़ बोला, ठीक है, आपके पास दो बेटा है ना?
30 वो बच्चे मरे हैं, 31वाँ मेरा सोच लेना। तब आप ये एक मिनट के लिए ये चीज़ सोचना
कि 31वाँ मेरा बेटा मरा है। ठीक है, मैं जा रहा हूँ, आज के बाद आप मेरे को देखोगे नहीं, कुछ नहीं करोगे।
मेरी मम्मी के मेरे पास मिस्ड कॉल्स आ चुके हैं, मैं दिखा देता हूँ आपको।
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