Discussion on Indian Democracy and Politics
ले फिर आ गए।
सब राज्य खुश हैं। हां।
तेरे को क्या लगता था कि नहीं लौटेंगे।
गलत।
जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं। बहुत है लंबा
दंगल चलेगा रे।
दंगल, दंगल।
दंगल, दंगल।
सूरज तेरा चढ़ता-ढलता। गर्दिश में
करते हैं तारे। दंगल, दंगल।
दंगल, दंगल।
मैं हिंदुस्तान के
लोकतंत्र को बचाने के लिए यहां खड़ा हुआ हूं। मेरे साथ
यहां पर
कुछ घंटे पहले
300
लोकसभा और राज्यसभा के MPs आए थे। वो
भी देश में लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
अमित शाह,
नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत,
ज्ञानेश्वर कुमार
इन लोगों ने
देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है।
इस बात को पूरा देश मानता है।
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