Political Criticism of Government Actions
मुगलों ने लूटा तो अब सरकार लूट रही है, लूट ही तो रहे हैं।
और योगी जी सबसे ज्यादा आते हैं अयोध्या और उनकी इंटेलिजेंस फेल हो गई, पता ही नहीं चला उनको।
अफ़सोस सिर्फ इस बात का है ना, और कोई पार्टी होती ना तो उतना अफ़सोस नहीं होता।
ये बीजेपी के साथ, बीजेपी के लोग इस तरह का काम किए, हम लोग की इतनी बड़ी आस्था बीजेपी के साथ,
हम लोग बीजेपी के आंख बंद करके बीजेपी को वोट देते हैं।
और वोट देने, वोट देते हैं और इस तरह का हुआ तो हमारे तो विश्वास के साथ खिलवाड़ हो रहा है ना।
आम जनता की विश्वास के साथ खिलवाड़ हो रहा है ये।
बताइए कोई बोलेगा नहीं कुछ, आवाज नहीं उठाएगा? और उठाना चाहिए ही।
अगर आप लोग बोल रहे हैं तो बोल रहे हैं कि देशद्रोही हैं।
कौन बोल रहा है देशद्रोही? खुल के आए सामने। कौन बोल रहा है देशद्रोही हैं हम?
खुल के आए सामने, सामने बात करें ना। पीठ पीछे तो बहुत कुछ लोग बोलते हैं।
सामने बात करें ना।
सामने पीठ...
सब योगी जी देख लेंगे। योगी जी देख तो रहे थे, उन्हीं के सामने तो लूट हुई है। कोई बात नहीं, फिर भी आगे देखेंगे।
परत दर परत अब खुलती ही जाएंगी उसकी।
देखेंगे नहीं, देखना चाहिए। देखेंगे नहीं, देखना चाहिए।
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