Punjabi Song Lyrics Analysis
कुंडिया दे सिक फस गए भी कोई नितरू बड़े में
खानी। धरती दा खून डुल्लेया भी जिमे तीड़के
करे जो पानी। ओ शेरा वांगू यार खड़ गए,
ओ शेरा वांगू यार खड़ गए। बैली नाल सी चिन्ना
दे यारी। आज न बैली ने ओ पैर जोड़
के गंदासी मारी। आज न बैली ने ओ
पैर जोड़ के गंदासी मारी। मार दी,
मार दी, मार
दी, मार दी। चारै पास्से रोला पै गया।
ओ चारै पास्से रोला पै गया। जदूं मार्या गंदासा हाथ
जोड़ के, ओ जदूं मार्या गंदासा हाथ जोड़ के। ओ
चारै पास्से रोला पै गया। जदूं मार्या गंदासा हाथ
जोड़ के। खून दे तराळे चालदे, थल्ले सुटले
हत्था रू मरोड़ के।
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