Discussion on Dhoni and Cricket Culture
धोनी को लेकर कि लोग उस समय नहीं बोलना चाहते थे, अब बहुत सारे लोग एक्सेप्ट...
यार, आप अगर सच्चे थे तो उस टाइम बोल देते।
आज रिटायर हो के आप कुछ भी बोल रहे हो तो उसका तो मतलब है ही नहीं ना।
अब तो आप अपने फॉलोअर्स बढ़ा रहे हो या उसको बदनाम कर रहे हो, दो ही चीज़ है।
भाई, वो उसने आज तक एक भी रिप्लाई दिया?
सोचो अगर वो मुंह खोल देगा तो क्या होगा?
क्यों नहीं वो मुंह खोलता? वो क्यों नहीं...
सर, वही है ना कि अब...
सर, अब आप वो सोचो कि उसका level और जो बोल रहा है उसके level में तो बहुत ज़्यादा फ़र्क है ना।
अब तो आप घर बैठे हो, पैसे कमा रहे हो, बोलने के पैसे कमा रहे हो तो आप कुछ भी बोल रहे हो।
तब आप आप खुद ही थे ना जो हुक्का बना रहे थे, क्यों बना रहे थे?
भाई, लोगों की लड़ाई तो यही है कि उसके रूम में जाके हुक्का बनाना पड़ता था।
तो भाई, जब आपकी खुद गर्ज़ी थी तो ना पीते।
मुनाफ़ पटेल और गौतम गंभीर तो कभी नहीं पिए हैं।
इशांत शर्मा कभी नहीं पिया है।
वीरेंद्र सहवाग कभी नहीं पिया है।
सचिन तेंदुलकर कभी नहीं... तो आप भी ना पीते ना, आप लड़ क्यों रहे हो अब?
जब एक तो आपके व्यसन की...
व्यसन के लिए खुद जा रहे थे।
तो भाई, खुद पीना है तो खुद बना लो, वो बना के तो थोड़ी दे सकता है, वो तो कैप्टन है।
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