वीपी सिंह सरकार, आरक्षण और आंबेडकर पर बीजेपी-आरएसएस को लेकर बहस
इस देश की विवस्था में समान्ता बराबरी और नियाई और अधिकार की भाषा बोलने वाली पार्टी को डिसकरेडिट कर रहे हैं और एक कालखंड की घटना के उठा कर के जब हमारी सरकार नहीं थी ठीक है न? और बार बार जो आप बोल रहे हैं कों
जो है बीपी सिंगी सरकार से समर्थन वापस लिया था?
जनसंग लिया था?
कौन है जनसंग?
बोलती हूँ मैं?
कौन है जनसंग?
अरे भाई मैं इसको डिनाइ थोली करती हूँ?
भाजबा बोलिये न जी
जनसंग है, यह नहीं है
बोलिये भाजपा, बोलिये आरेसेस, बोलिये मोदी जी जिसका चटी पहन करके धूंते थे वो पार्टी
मैं एकदम डिनाई नहीं करूँगी
हाँ तो खुलम खुला बोलिये, करिये मत आप, क्या होगा जाता था जेल चले जाएगा
जेल बहुत अच्छी जगएगा, गबराईये मत, बोलिये, कौन पार्टी समर्थन वापस लिया, भाजपा, आरेसेस, कौन जो इस देश में आरक्षन का भिरोध किया है, आरेसेस
आरे बहईये हम खुलकर बोलते हैं, मैंने शब पढ़ा है, आप बताइए
जो कहते हैं कि या धर्ती बुद्ध की है, कभीर की है, नानक की है,
या धर्ती कहते हैं कि या पाथर पूझे हली मिने तो मैं पूझूँ पढ़ार,
काकर पाथर चार के माजिद लियो बनाए, तापर मुल्ला बांग दे, भेरो भेरो खुदाए,
आप उस परंपडा को गलट ठेरा रहे हैं।
नहीं, मैं गलट ठेराने वाली कोई नहीं होती हूँ,
लेकिन आपके जितने भी प्रतीक थे,
भेरो पटेल से लेकर,
अम्बेटकर, आप कहते हैं कि आपने ड्राफ्टिंग कमिटी का चैमेन बनाया अम्बेटकर को,
वो कहते हैं कि आपने अम्बेटकर के खलाफ नेहरूने चुनाव लड़ा।
कौन कहते हैं, वाटसेब कहता है न?
बीजेपी कहती है भाई,
खुले तौर पर कहती है, डंके की चोट पर कहती है,
आपने अम्बेटकर के खलाफ नेहरूने चुनाव लड़ा।
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