Pilot's Emotional Reflection on Career
मैं
उस moment में sir,
मैं, मैं अपनी, मैं अपनी life के लिए लड़ रहा था।
but एक ऐसा moment था जब मेरे को realize हुआ कि अगर मैंने कुछ
नहीं किया क्योंकि मैं गिर चुका था। मेरे को इतने గాव लग चुके थे कि मैं
गिर चुका था नीचे and
उस time पर मैं बोला अगर मैं नहीं उठूंगा। मैं Air India में
सत्रह साल से जहाज उड़ा रहा हूँ। मैं पिछले ग्यारह साल से captain
हूँ
और मुझे पता चलता है आँख बंद करके भी के जहाज में क्या हो रहा है।
जब मैं नीचे गिरा हुआ था तब मुझे, तब मुझे एहसास
हो रहा था कि aircraft नीचे जा रहा है
और मुझे बिल्कुल पता था कि ये एक last push अगर Sumit
कर दे।
दरवाजा बस वहीं है
और तभी भी मैं मार खा ही रहा था।
बस वो खोल दिया sir। बाकी सब आ गए
और बाकी सबके भी उतनी उतनी उसमें,
उसमें role था।
But जान के मैं सबको बोला था कि मैं अपनी जान के हिसाब से कर
रहा था। But at the same time मुझे इतना भी पता था कि मैं उन सबको नहीं
मारने दे सकता।
बस आप एक call आ गया। मुझे
बहुत बहुत गर्व होता है। अभी मेरे को हो रहा है मेरे पर गर्व। अब
तक नहीं हो रहा था।
अब हो गया sir। Sorry कि आपके सामने रो रहा हूँ sir।
Sumit
अगर मेरे सामने
आप भावुक नहीं होंगे तो कहां होंगे?
Sir ये मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी आपसे बात होगी।
कभी नहीं सोचा।
आपने इतना बड़ा काम किया है भाई
कि हर देशवासी आज
दुनिया के लोग भी आपको देखने, आपसे बात करने के लिए
बहुत ही आતूर है।
और मैं सऊदी सरकार का भी और यूएई सरकार का भी हृदय से
आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने आपकी बहुत कह थी।
मैं उनका भी आभारी हूँ।
Sumit आपको जब भी जरूरत लगे मैं एक phone call away हूँ।
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