Intense Dialogue on Responsibility and Threats
इनका हिसाफ चुकाते चुकाते हम खाक हो जाएँगे
ये मेरे तुम्हारे या किसी टॉकशो की बात नहीं है मेझर
पुरी काइनात की बात है असली जो सर तुम्हें मिट्टी में नसारा खायना छुतुरुमुर की तरह उसे बाहर निकालो और देखो
विवे का इस्तेमाल करो समझ जाओ
मेजर तुम उतना ही जानो जितनी तुम्हारी क्षम्मता है
तुम्हारे अंदर वो ताकत नहीं है पुरे सच को जानने की
इसलिए तुम्हें सहूलियत मिलती है बुद्धी जीवियों के तरह बात करने की
सम्वेधन शील हो रहेंगी
दुश्मन सिर्फ बोडर के उस पार नहीं होता
खर के अन्दर भी होता है
गुन दीमक बन के जीता है
हमेरी जिम्मिदारी है कि मैं अपनी तेश को
पाहर, भीतर, हर प्रकार के दुश्मन से बचाओं
इनको खरता है
आतम करूँगा मैं
एक एक दीमक को निकाल निकाल के मारूँगा मैं
वरना ये लोग हमें कहा जाएंगे
और तुम मुझे
सही और गलत ज्यान मत देना
तुम्हारे आउकाद नहीं है
बच्चे नहीं है
टाइम बॉम है, साले!
हत्याक बादी की पिल्ले है!
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