Critique of Political Leadership After Tragedy
गाइज़, जितने भी बीजेपी सपोर्टर्स हैं जो ये वीडियो देख रहे हैं, आज मुझे तुम सबको एक बहुत बड़ा रियलिटी चेक देना है
कि तुम्हारी पार्टी और तुम्हारे फेवरेट लीडर्स जिनको तुमने अपना भगवान मान लिया है, वो तुम्हारी रत्ती भर भी इज़्ज़त नहीं करते हैं।
अभी एक-दो दिन पहले लखनऊ के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग लग गई और उसमें 15 बच्चे जल के मर गए, 15 बच्चे।
मतलब किसी और देश में तो ये नेशनल ट्रेजेडी होती, लेकिन हमारे देश में तो ये आज के दिन बहुत ही आम बात हो गई है।
मरने वाले की फैमिली को ₹2 लाख मिल जाते हैं और इंजर्ड को ₹50,000, बस काम खत्म।
और उसके बाद यूपी के चीफ मिनिस्टर गए कुछ पेरेंट्स से मिलने के लिए, तो उस पूरी मीटिंग की एक वीडियो बाहर आई। तो तुम इस वीडियो को देखो और एक बहुत ही ज़रूरी चीज़ नोटिस करना।
कोई चेक्स नहीं है...
हम लोग प्रो-बीजेपी सपोर्टर हैं, बलरामपुर से हैं।
हम आपको कितना सपोर्ट करते हैं... नहीं, बिल्कुल प्लीज...
[मौन]
सुनाई नहीं दे रहा, भाई। सुनाई नहीं दे रहा।
भाई, तुमने देखा कि जैसे ही इन लोगों ने शिकायत करना शुरू करी, इस पूरी वीडियो की ऑडियो ही म्यूट कर दी गई।
और ये... और आज के दिन इनके बच्चे जो हैं जल के मर गए...
...और जब ये शिकायत करने गए तो इनकी आवाज़ ही म्यूट कर दी गई।
भाई, अब तो अपनी आँखें खोल लो यार। अभी तो इनकी फैमिली के साथ हुआ है, कल को तुम्हारी फैमिली के साथ भी हो सकता है...
...और तुम्हारी भी आवाज़ ऐसे ही दबा दी जाएगी।
तो भाई देखो, तुम्हारा नहीं पता, मुझे तो लगता है कि अब अंधभक्ति से बाहर आने का वक्त आ चुका है।
चलाओ, अपना दिमाग चलाओ। जागो ग्राहक, जागो।
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