Commitment to India's Development
कर्म मेरा धर्म रहेगा। कर्तव्य पालन मेरा प्रण
होगा। स्वयं से समस्त तक, स्वयं से
स्वयं तक मेरे जीवन का कण कण, क्षण
क्षण भारत भूमि को समर्पित रहेगा और
जब तक भारत विकसित नहीं होता,
जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक मैं न
रुकूंगा,
न थकूंगा, न अपने पथ से टिकूंगा।
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