Threats to Independent Journalists in India
मेरी आप सभी लोगों से आज एक बहुत important request है। मैं एक independent
पत्रकार हूं और उसी रूप में आप लोग मेरे को जानते हो। अभी independent पत्रकारों की
भारत में एक लहर चल रही है, उसी में से मैं बाहर निकल कर आया हूं। पर
अभी
मुझे और मेरे जैसे पत्रकारों की जान को खतरा है। दिल्ली पुलिस,
हरियाणा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस हर जगह की पुलिस
पत्रकारों को उनके घर में
ही detain कर रही है ताकि वह 10 अक्टूबर के protest में ना आ पाएं। मेरे साथी हैं
जो कि मेरे साथ काम करते हैं। उनके घर में पुलिस फोन कर कर बोल रही है कि आप लोग
protest में तो नहीं जा रहे हैं। जो साथी अभी भी उत्तर प्रदेश में थे, उनके घर पर एक
एक पुलिस वाला बिठा दिया गया है ताकि वह अपने घर से ही बाहर ना निकल सके। मैं खुद
अभी
एक undisclosed location पर हूं। मेरा घर तो नई दिल्ली में है। मैं अपने घर पर नहीं रह
पा रहा हूं। कहीं और रहना पड़ रहा है इस समय पर मुझे। और मैं आप लोगों से बस यह appeal
करना चाहता हूं कि अगर आप 10 अक्टूबर के protest में आ रहे हैं और आपके सामने कोई
independent पत्रकार अपनी पत्रकारिता कर रहा है और आप इस पत्रकारिता को पसंद करते हो
तो आप please उसे safe रखने में help करो, क्योंकि सिर्फ पुलिस से हमें खतरा नहीं है।
हमें ऐसे चिट्टू-मिंटू से भी खतरा है जो कि अपने आप को कोई तो पहलवान बता रहा है। अपने
आप को असली काम उसका दूधिया का है। बाद में पहलवानों ने बताया और वो
बंदे इकट्ठे कर रहा है हमारे जैसे लोगों को पीटने के लिए 10 अक्टूबर को। कुछ लोग हैं
जो कि हिंदुओं की रक्षा करने की बात करते हैं फिर बाद में video बनाकर डालते हैं कि
जैसे ही मैं दिल्ली आऊंगा, मेरे को जान से मारेंगे। इन सभी लोगों ने
सारे पत्रकारों
को, सारे protesters को जो भी अपना धर्म निभा
रहे हैं, constitutional
right का अपना जो हक है उनका protest करने का, उसे निभा रहे हैं या जो
पत्रकारिता करने का मेरा हक है, constitution जो मेरे को provide करता है,
उसे निभा
रहे हैं। इन सबको जान की धमकी दी हुई है। दिल्ली पुलिस इसमें हमारी कोई help नहीं कर
रही है, क्योंकि दिल्ली पुलिस के जो बड़े बड़े अफसर
हैं वो इनके साथ हैं। दिल्ली पुलिस
के जो constable हैं, SI हैं, SHO हैं वो सभी मेरे
साथी हैं। सब मेरे को आके बोलते हैं कि हम आपकी videos देखते हैं और अच्छे से बात भी
करते हैं। दिल्ली पुलिस के बड़े बड़े अफसर भी आकर कहते हैं पर मैं उनका आपको नाम नहीं
ले सकता अभी और सभी अपने साथी हैं।
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