Understanding Hinduism and Its Principles
दोस्तों मैं एक मुसलमान हूँ, लेकिन मैंने Hinduism को बहुत गहराई में
पढ़ा है।
अगर कोई मुझसे पूछे कि एक हिंदू कौन होता है?
तो मेरा जवाब यह होगा। सबसे पहले मैं आपको Hinduism के बारे में एक बात
बताता हूँ, जो इसे बाकी मज़ाहब से बहुत unique करती है।
आप एक atheist हो
सकते हैं, एक agnostic हो सकते हैं, एक खुदा के मानने वाले हो सकते हैं, बहुत से
खुदाओं के मानने वाले हो सकते हैं। आप मुसलमान, Christian, यहूदी भी हो सकते
हैं। लेकिन इसके बावजूद आप अपने आप को एक हिंदू कहला
सकते हैं। इसकी वजह यह है कि Hinduism में अकीदा परस्ती नहीं है। हिंदू
मजहब अपने मानने वाले को भरपूर इख्तियार देता है, भरपूर आजादी, भरपूर
freedom देता है कि वो अपनी spiritual journey अपनी मर्जी से choose कर सके।
एक हिंदू के लिए यह मसला ही नहीं है कि आप Prophet Muhammad के मानने वाले हैं या
Jesus Christ के। क्योंकि उसके लिए सबकी मंजिल एक ही है और वो
मंजिल है ultimate reality यानी कि खुदा की तरफ। यही वजह है कि
Hinduism दर असल एक way of life है। एक जिंदगी जीने का तरीका है,
एक जाब्ता ए हयात है। दूसरी बात यह कि चूंकि Hinduism के अंदर किसी भी
फिकह, किसी भी sect या किसी भी इंसान की तरफ अकीदा
परस्ती नहीं। लिहाजा
एक हिंदू बहुत ही ज्यादा tolerant होता है। उसके अंदर बहुत बर्दाश्त होती है। एक
हिंदू किसी से भी उसके मज़हब, faith या अकीदे की basis पर नफरत नहीं करता
और यही सब्र और बर्दाश्त एक हिंदू की सबसे बेहतरीन quality होती
है। तीसरी quality एक हिंदू की यह है कि उसके लिए धर्म और कर्म
सबसे important चीज है। धर्म से मुराद है उसका फर्ज या उसकी responsibilities
और कर्म से मुराद है उसके आमाल या फिर उसके actions। यही वजह है कि
एक true हिंदू कभी भी यह सवाल नहीं करता कि मुझे क्या मिलेगा। बल्कि वह यह
सवाल करता है कि मुझे क्या करना चाहिए। चौथी quality एक हिंदू की यह
होती है कि वह हर सवाल का एक ही जवाब जरूरी नहीं समझता। यही
वजह है कि हिंदू मजहब में debate है, atheism है और खुदा को तलाश
करने के लिए अलग अलग रास्ते हैं। और पांचवी और आखिरी quality और शायद सबसे
बेहतरीन quality एक हिंदू की यह है कि वह हमेशा अपने आप से सवाल करता रहता है
कि मैं कौन हूँ? क्योंकि उसकी यह मैं उसकी आत्मा से
connected है और आत्मा दर असल ultimate reality
या ब्रह्म का ही हिस्सा है। इस बात का मतलब जानते हैं दोस्तों। इसका मतलब
यह है कि एक हिंदू दर असल खुदा का ही
हिस्सा है। He is part of the ultimate reality.
इसको संस्कृत में कहते हैं तत् त्वम् असि। मैं
वो हूँ।
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