Rescue efforts at disaster site
इसी मकान पर मैं पहुंच चुका हूं, जिसकी चर्चा सबसे ज्यादा चल रही है। इसी
मकान ने यहां के परिवार को बचाया और यह जो मजबूत मकान है,
इस त्रासदी को यह पूरी तरीके से झेल लिया। यह देखिए यह पूरा जो आप
ऊपर सेकंड मंजिला देख रहे हैं। यहीं पर वह परिवार जो था वह रुका
हुआ था और वहां से ही मदद की गुहार कर रहा था। इसके ऊपर भी कुछ महिलाएं
थी जो मदद का गुहार कर रही थी और इसी मकान पर अब हम ग्राउंड जीरो पर पहुंचे
हैं। यहां का परिवार जो है। अगर आप आइए पास में दिखाइए आकर के तो यहां के परिवार जो है
वह जो सामान है अंदर मौजूद उसको निकालने की कोशिश यहां पर चल रही
है। इनके जो दोस्त हैं, इनके परिवार के लोग हैं वो सब यहां पर आकर
के उसे निकालने की
कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि यह मकान देखिए, जर्जर तो हुआ है, मजबूत मकान है
लेकिन जो सामान है, जो अंदर मलबा है उसको निकालने की जो कवायद
है
वो की जा रही है। थोड़ा सा करीब आइए, हम आपको दिखाते हैं। यहां पर देखिए कितना
डल्लर
है। यहां पर अगर आप देखेंगे तो कितना ज्यादा इसके अंदर वो आ चुका
है। पूरा मलबा ही मलबा अंदर पहुंच चुका है। यह देखिए मलबे के निशान आप
देखें। इस छत के ऊपर किस तरह से मलबे ने उखाड़ने की कोशिश की इस मकान को। लेकिन यह
मकान था कि चट्टान की तरह खड़ा रहा और इसी तरीके से लोग जो
हैं। इस मकान की चर्चा सबसे ज्यादा कर रहे हैं। अब देखिए यह परिवार जो
है। अपना मकान जो गृहस्ती का मकान है। वह निकालने की कोशिश कर रहे हैं और
यह एक सहारा था। एक तरीका था चढ़ने का ऊपर और यह जगह जो टूटी हुई
है। यह आप देखिए एक एक वो थी खिड़की थी जिसको
जो टूट गई। इसी के जरिए अब लोग जो हैं अपना परिवार के लोग जो हैं वह
अपना मकान से सामान निकाल रहे हैं।
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