मोदी की मॉस्को यात्रा पर स्वागत में खर्च का RTI दावा
विदेश जा रहे हो, ठीक है, लेकिन वहाँ करोडो रुपे के मुझ्रे करवा दे रहे हो।
हैं? हैं क्या? सही सुना, लिलादर अमेरिका, रूस, कहीं भी जाये,
खुद को ग्रेंड रिसप्शन खुद ही दे लेते हैं और कमिलिटी रिसप्शन के नाम पर करोडो रुपे उड़ा देते हैं
और ये मैं नहीं कह रहा, आर्टिया ही कह रही है, आर्टिया के अनुसाल जब लिलादर मोस को गए, तब उनके लिए
एक रोड सतासी लाग सतानुय आजार दो सो सत्तर रुपे मुझ्रे करवाने पर खर्च किये गए
मतलब ये विदेश में खुद ही खुद के आगे लोंडिया नचवा रहे हैं और यहां भुकाल मचा रखा है कि साब का विदेश में ढंका बज़ रहा है
गजब
वाँ मुझे जीवा वाँ वाँ
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