Hindi transcript
यह है सबसे खतरनाक मकान मालिक।
जो भी किरायेदार इस घर में आता, वो उसे बेहोश करके उसकी आँखें और कान निकालकर सुई धागे से सी देते।
और फिर ज़िंदा ही फर्श के नीचे दफना देते।
कुछ सालों में पूरा घर ज़िंदा लाशों से भर गया।
एक दिन नई किरायेदार एना इस घर में आ गई।
बूढ़े दम्पति ने बड़े प्यार से उसका स्वागत किया।
एना भी उनकी मासूमियत देखकर आराम से घर में रहने लगी।
लेकिन एक रात सोने से पहले, एना ने दीवार से अजीब आवाज़ें सुनीं।
वो धीरे-धीरे दीवार पर हाथ फेरने लगी।
तभी अचानक उसे छुपे हुए कम्पार्टमेंट मिले।
सबसे छोटा खोला तो उसमें अजीब बोतलें रखी थीं।
बड़ा कम्पार्टमेंट खोला तो उसमें सूखी हुई लाश पड़ी थी।
यह देखते ही एना चीख पड़ी।
तभी मकान मालकिन ने दरवाज़े पर आकर पूछा, क्या हुआ?
एना ने झूठ कह दिया कि उसे बुरा सपना आया था।
लेकिन बूढ़ी औरत समझ गई कि उनका राज़ खुल चुका है।
वो एना को दरवाज़ा खोलने के लिए बहकाने लगी, लेकिन एना नहीं मानी।
तभी मकान मालकिन दरवाज़े को धक्का देकर अंदर घुस गई।
एना ने पास पड़ी चीज़ उठाई और उसे बेहोश कर दिया।
एना भागते-भागते दूसरी सीढ़ियों से निकली।
मगर तभी बूढ़ा मकान मालिक सामने आ गया।
उसने एना को दबोच लिया और इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया।
जब एना होश में आई, तो बूढ़ी औरत हाथ में चाकू लिए उसका ऑपरेशन करने वाली थी।
तभी अचानक डोर बेल बजी।
एक आदमी अपनी खोई हुई बच्ची को ढूंढते हुए आया था।
औरत ने उसे अंदर बुला लिया।
इस बीच एना पर दवा का असर कम होने लगा।
वो रेंगती हुई खिड़की के पास जा पहुंची।
और काफी कोशिश के बाद वो भागकर उसी आदमी की कार में छिप गई।
लेकिन तभी बूढ़े दम्पति ने उस आदमी को मार डाला।
और उसकी लाश को कार में बिठाकर उसे हादसे की शक्ल देने ले गए।
कार धीरे-धीरे खाई में गिर गई।
लेकिन किस्मत से एना मरी नहीं, लोगों ने उसे बचा लिया।
हॉस्पिटल में इलाज के बाद वो सही सलामत अपने माँ-बाप के पास लौट आई।
उसने सोचा अब माता-पिता उसका ख्याल रखेंगे, लेकिन वक़्त के साथ एना गहरी डिप्रेशन में चली गई।
और एक दिन वो वापस उसी गेस्ट हाउस लौटी।
उसने खुद को ज़िंदा लाश बनने के लिए सौंप दिया।
उसे सबसे अंधेरे तहखाने में दफना दिया गया, क्योंकि उसके लिए यही सबसे अच्छा अंत था।
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