Prime Minister's Response to Protests
Good morning. एक बात कहनी थी।
प्रधानमंत्री ने जो ये कहा कि उनको जंतर-मंतर से गालियां दी गईं, उनकी मां तक को अभद्र बोला गया,
और बच्चे हैं, बच्चों से गलतियां हो जाती हैं और प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें उन्हें माफ़ कर देना चाहिए।
वो नहीं चाहते कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हो, वो कोर्ट-कचहरी के फेरे में पड़ें, पुलिस के फेरे में पड़ें।
इसका स्वागत किया जाना चाहिए, इसमें कहीं से कोई दिक्कत नहीं है। बहुत अच्छी बात है।
लेकिन मुझे लगता है कि उस दो मिनट के वीडियो में, ढाई मिनट के वीडियो में, थोड़ी देर के लिए, 30 सेकंड के लिए अगर प्रधानमंत्री ने ये बात कह दी होती ना,
कि प्रदर्शन के दौरान कुछ जवान बच्चे थे,
और मुझे लगता है कि उनके साथ police ने बर्बरता की है, उनको गलत ढंग से छुआ गया, उन्हें गलत ढंग से मारा गया,
और वो हमारे बच्चे हैं, उनकी पीड़ा के मैं साथ हूँ,
और मैं समझ सकता हूँ,
और मैं उम्मीद करूँगा कि बच्चे हमें माफ़ कर देंगे, हमारी police को माफ़ कर देंगे, हमारे गृह मंत्री को माफ़ कर देंगे,
और भविष्य में ऐसा कुछ नहीं होगा, हमारे बच्चों के साथ ज्यादती नहीं होगी, बर्बरता नहीं होगी,
ऐसा हम कुछ करेंगे।
अगर प्रधानमंत्री ने ये बात कह दी होती ना, तो आप समझ रहे हैं कितना मतलब कितनी खूबसूरत बात हुई होती।
लेकिन यहाँ पर मुझे लगता है कि चूक हो गई है।
अभी भी समय है क्योंकि प्रधानमंत्री तो रोज़ आते हैं, 11-12 बजे आते हैं, 11 बजे आते हैं और बच्चों को संबोधित करते हैं। मुझे लगता है कि
आज वाला जो वीडियो बनेगा ना, तो प्रधानमंत्री को ये वाली बात
संक्षेप में, छोटी सी बात, मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि माफ़ी माँगने की बात नहीं कर रहा हूँ, मैं बस इतनी बात कह रहा हूँ कि बस बच्चों की पीड़ा को pamper करने के लिए, सहलाने के लिए बस इतनी सी बात बोल देनी चाहिए थी कि
ये बच्चे हमारे हैं और बच्चों के साथ, कुछ बच्चों के साथ ज्यादती हुई है
और मैं भविष्य में ऐसा कुछ नहीं होगा, ऐसा बच्चों को मैं भरोसा दिलाता हूँ
और ये भी कि हम उम्मीद करेंगे कि बच्चे हमारे गृह मंत्री को, हमारे police commissioner को माफ़ कर देंगे।
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