Discussion on Gender Respect and Violence
आज मैंने एक video देखा Delhi, Gurugram पता नहीं कहीं का था।
एक लड़की motorbike ride कर रही है अपने दोस्तों के साथ Sunday को और उसको--
उसका पीछा कर रहे हैं कुछ लड़के car में। रोक, रोक, रोक, रोक और
उसके बाद उसको ठोक के भाग गए। भाई मुझे कभी-कभी ऐसा लगता है ना
की हमारे देश में हमारी जो economic growth है ना ये सात आठ percent जो भी चल रही है,
उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा जब तक mental growth नहीं होगी। जब तक हमें
किसी सामने वाले की जान की कीमत समझ में नहीं
आएगी। हमें लड़कियों की respect कैसे करनी है, यह समझ में नहीं आएगा।
मतलब आप सहन नहीं कर पा रहे हो कि कोई लड़की motorbike में enjoy कर
रही है, fun कर रही है और अपने दोस्तों के साथ बाहर
निकली हुई है। मतलब
आपको इतना, इतना जाहिलपना है आपके जीवन में, इतने जाहिल हो आप
कि आपको समझ में ही नहीं आ रहा कि वो अपना जीवन जी सकते हैं वैसे।
चाहे वो लड़का हो, लड़की हो, किसी दूसरे को परेशान करना, उस पर
दबंगता दिखाना, ये कहीं की बहादुरी नहीं है। और ये
example जो है ना ये हमारी society को set करना पड़ेगा। जब इस तरीके
के attempt to murder है भाई ये, heinous crime होते हैं ना तो एक
example set करना पड़ता है। अगर ऐसा western world में कहीं पर हो जाए ना, सात पुश्तों
को पता चलेगा कि हमारी सात पुश्तों पहले किसी ने ऐसा किया था।
Financially उनको तोड़ दिया जाता है। ऐसा, ऐसी सजा दी जाती है
कि जिंदगी भर जेल में सड़ोगे। पता है आपको कुछ नहीं कर पाओगे अपने जीवन
में। और India में क्या होगा? Sorry का letter लिख आएंगे,
कहीं किसी से कुछ connection
निकल जाएगा। दादा कहीं वो थे politician थे, ये थे, फलाना थे,
ढिमका थे। कुछ ना कुछ करके छोड़ देंगे। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि सिर्फ किताब
पढ़ने से दिमाग नहीं खुलता है। आपको अपना जाहिलपना जो है
उसको दूर करने के लिए दुनिया देखनी पड़ेगी। कैसे लोग रहते हैं। जान
की कीमत है भाई। तो भाई economic growth से पहले mental growth की
जरूरत है हमारे देश को।
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