Debt Guarantee and Legal Loopholes
तो गोली मारी राम को, लग गई घनश्याम को और मर गया तिवारी। इसका
perfect example मैं सुनाता हूं। तो इनका नाम है सुभाष चंद्रा जी और ये Zee Group,
पूरे Zee Group के मालिक हैं। तो सुनो अब ये मजेदार कहानी। तो एक company थी
जिसका नाम था विवेक Infracon और उसने एक दूसरी company जिसका नाम था India
Bulls Housing, उससे ₹170 करोड़ उधार मांगे। तो India Bulls
ने विवेक को बोला कि भाई मैं तुझे पैसे क्यों दूं?
मैं तो तुझे जानता भी नहीं। तो विवेक ने बोला, अरे भाई तू मुझे नहीं जानता ना, तू
सुभाष चंद्रा जी को तो जानता है। वो मेरे bro हैं। अगर मैं तेरे पैसे
₹170 करोड़ ना दे पाया तो मेरा bro सुभाष चंद्रा जी
देंगे। तो India Bulls ने बोला कि सुभाष चंद्रा जी क्या आप इस बंदे की guarantee
लेते
हो? तो सुभाष चंद्रा जी ने बोला, हां हां मेरी guarantee है। कहीं भी sign
करा लो। मैं
लिख के देता हूं कि विवेक तुम्हारे पैसे पूरे देगा और अगर नहीं देगा तो मैं
हूं ना। तो India Bulls ने विवेक को ₹170 करोड़ दे दिए। लेकिन अब
आया मजा। जब पैसे वापस देने की बारी आई तो विवेक ने खड़े कर दिए अपने
हाथ और बोला bro India Bulls bro तेरे पास पैसे तो है नहीं। तो
India Bulls ने बोला कोई बात नहीं सुभाष चंद्रा जी जो तेरे bro हैं, जिन्होंने
guarantee दी है, हम उनसे ले लेंगे। और सुभाष चंद्रा जी ने
सोचो क्या बोला। सुभाष
चंद्रा जी ने बोला India Bulls bro पैसे तो मेरे पास भी नहीं है। तो
विवेक ने बोला कोई बात नहीं सुभाष bro मैं तेरे पे case कर देता हूं। विवेक गया
court में और उसने tribunal के सामने डाल दिया सुभाष जी पे case
₹170 करोड़ का। लेकिन इससे हुआ क्या कि हमारे courts का एक
rule है कि अगर एक बार कोई उधारी का case आपके नाम पर
register हो जाए तो कोई भी ऐसा बंदा या company जिसने आज तक
आपसे पैसे लेने हो तो वो भी आप पे case कर सकता है। और यही हुआ।
₹170 करोड़ के इस case के चक्कर में सुभाष चंद्रा जी के
पिछले जितने भी लेनदार थे, जिन्होंने सुभाष चंद्रा जी से पैसे लेने थे,
वो सब आ गए court में और उन्होंने बोला कि हमने भी लेने हैं, हमने भी लेने हैं, हमने
भी लेने हैं और ये ₹170 करोड़ के case की जगह सुभाष चंद्रा जी को देने
थे ₹22,000 करोड़। और सुभाष चंद्रा जी ने बोला कि court my
lord, मैं सुभाष चंद्रा जो इतना अमीर आदमी हूं और
भारत जैसा देश जहां
पर नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे महापुरुष पले-बढ़े हों, वहां
पर मैं ₹22,000 करोड़ वापस देता हुआ अच्छा लगता हूं। court ने
बोला अच्छा-अच्छा मैं समझ गया यार, ज्यादा चापलूसी मत करो। आप एक काम
करो ₹22,000 करोड़ की जगह एक छोटा सा amount दे दो। मैं सारा case
रफा-दफा कर दूंगा। और आप सोच सकते हो वो छोटा सा amount ₹22,000 करोड़ की
जगह सुभाष चंद्रा जी कितना देंगे? आप सोच भी नहीं सकते। सिर्फ साढ़े
₹6 करोड़। that's it। in short एक ऐसा देश जहां पर रोज
किसान हजारों की तादाद में suicide करता है क्योंकि वो tractor की
किस्त नहीं दे पाता। उस ऐसे देश में ऐसे अमीर लोग ₹22,000
करोड़ जैसी बड़ी रकम सिर्फ साढ़े ₹6 करोड़ में देकर छूट जाते हैं। और
उसके बाद हम कहते हैं भाई India is the country, feeling proud to
be an Indian। I don't know this is very disappointing and
if you agree with me on
all of this please drop a like।
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