Social Activist Protests Education Minister's Resignation
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक कई दिनों से जंतर मंतर पे
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए अनशन पे बैठे हैं।
मैं हैरान हूँ ये देख के कि कोई हैरान क्यों नहीं।
एक इंसान देश और समाज के बेहतरी के लिए अनशन पे बैठा है,
विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अनशन पर बैठा है,
शिक्षा के चरमराते ढांचे को संभालने के लिए अनशन पर बैठा है,
और व्यवस्था चैन से लेटी हुई है।
वो व्यवस्था जो न सिर्फ गूंगी, बहरी और संवेदनहीन है,
बल्कि तंगदिल, संगदिल और बेदिल है।
थके हुए, ऊर्जाहीन शरीर में भले ही शक्ति न हो,
लेकिन देश के लाखों युवाओं की वो ताकत है,
और गौर से देखा जाए तो हम सब जिंदा लाशों में वो एक अकेला जीवित है।
मैं हैरान हूँ ये देख के कि कोई हैरान क्यों नहीं।
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