Mid Day Meal Controversy in Bihar and UP
उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार में बच्चों को mid day meal में
घटिया खाना खिलाने का competition पूरे जोर शोर से चल रहा है,
जिसमें अब बिहार आगे निकलता दिखाई दे रहा है। यूपी के स्कूल
जहां अभी तक पानी जैसी सब्जी, कीड़े वाली तहरी,
जली रोटियों और बदबूदार खाने पर ही अटके हुए हैं। वहीं
बिहार के नालंदा में बच्चों के mid day meal में नमक की जगह
कपड़े धोने का powder मिला दिया गया है। जिसे खाकर 35
बच्चे अस्पताल पहुंच गए हैं। इससे पहले बिहार के सहरसा में
mid day meal में सांप का बच्चा और मधेपुरा के खाने में छिपकली
मिल चुकी है। जहां 70 बच्चे अस्पताल पहुंच गए थे। जाहिर
है बच्चों को घटिया भोजन देने में अभी बिहार आगे चल रहा है। लेकिन
कब तक? यहां ध्यान देने की बात यह है कि इतनी बड़ी
लापरवाही और भ्रष्टाचार के बावजूद क्या किसी भाजपा नेता ने
इन घटनाओं के जिम्मेदार लोगों पर FIR करवाई?
क्यों नहीं करवाई? इन लोगों का जब मन होता है,
मुंह उठा कर नेहा
सिंह राठौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा देते हैं। क्या किसी गरीब
आदमी की भी शिकायत पर इतनी आसानी से ही FIR दर्ज हो जाती
है? दर्शन नहीं। गरीब आदमी के लिए FIR दर्ज
करवाना ही न्याय पाने जितना कठिन है। लेकिन इन भाजपाईयों के
लिए किसी बेगुनाह को फर्जी case में फंसाना खेल बन
चुका है।
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