Journalists Exposing Corruption in India
"इंडिया का मीडिया तो बिका हुआ है।" बहुत आसान है कहना सोशल मीडिया पर।
रियलिटी क्या है, मैं आपको बताता हूँ।
इनका नाम है राघवेंद्र बाजपेई। ये एक जर्नलिस्ट हैं इंडिया के,
जिन्होंने एक्सपोज़ कराया था लैंड एंड स्टैम्प ड्यूटी स्कैम।
इतना अच्छा काम करने की वजह से क्या हुआ? इनको हाईवे पर गोली मार दी।
एक और जर्नलिस्ट हैं, जिनकी शायद आपने फोटो देखी होगी।
इनका नाम था मुकेश, जिन्होंने छत्तीसगढ़ का रोड स्कैम एक्सपोज़ कराया था।
और प्राइज़ में इन्हें क्या मिलता है? इनको मारा जाता है
और इनकी डेड बॉडी एक वॉटर टैंक के अंदर सीमेंट में दबा दी जाती है।
और ये लिस्ट बहुत लंबी है।
नरेश कुमार, जिन्होंने करप्शन को एक्सपोज़ कराया था, उन्हें तलवार से काट दिया गया।
राजीव प्रताप, जिन्होंने हॉस्पिटल को एक्सपोज़ कराया था,
और अचानक से वो गायब हो गए, आज तक मिले ही नहीं।
स्नेहा बर्वे...
और ये जो मैं आपको नाम बता रहा हूँ, ये दो-तीन साल के हैं।
ऐसे न जाने कितने जर्नलिस्ट्स हैं जिन्होंने कुछ एक्सपोज़ किया,
कुछ अच्छा काम किया और आज वो ज़िंदा ही नहीं हैं।
तो आप जो कहते हो ना, "मीडिया बिकी हुई है",
तो एक मीडिया की ये भी रियलिटी है, आप इन्हें भी तो समझो।
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