Protests and Civil Rights in India
बहुत ताकत है इसमें।
कोई चूतिया भी इसे लेकर खड़ा हो जाए ना, उसको लगता वो भगत सिंह बन गया है।
अभी एक मिला था, जंतर मंतर पर protest कर रहा है।
कह रहा, "सबका खून शामिल है यहां की मिट्टी में,
किसी के बाप का
हिंदुस्तान थोड़ी है।" मैंने कहा, "एक मिनट भाई, आप कहां से हो?"
"हम तो बांग्लादेश से हैं।"
"तो भारत में क्यों आए हो?" "क्या है, तुम लोग यहां पे
Uniform Civil Code लागू कर रहा है।"
मैंने कहा, "हां तो?" "तो हम नहीं होने देगा।"
मैंने कहा, "लेकिन संविधान के Article 44 में खुद लिखा
हुआ है कि Uniform Civil Code
लागू होना चाहिए।" "तो ये बात हम तो नहीं पढ़ा है ना?"
"तो भोसड़ी के संविधान ले क्यों रखा है?"
"ऐ तो protest करने के लिए।"
मैंने कहा, "तुम यार बांग्लादेश से आकर यहां पे मतलब,
इतना हिम्मत तुम्हें आता कहां से
है?"
"अभी देखो हिम्मत कहां से आता है, ये तो मालूम नहीं, पर हम तो यहां आता है।"
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