Journalist discusses arrests and protests

मुझे इतने गंदे गंदे DM आ रहे हैं कि तुझसे तो लाख गुना

सुंदर उसकी बीवी है, वो तुझे क्यों touch करेगा?

मुझे News24 के founder को तिहाड़ तक का सफर करा दिया गया। अब मैं

तिहाड़ ही पत्रकार हूं।

जिन्होंने सिर्फ protest में मेरा साथ दिया था। जिनकी

उम्र सत्रह साल है, बीस साल है और यह बहुत shocking था

कि उन्हें तिहाड़ भेजा जा रहा है। Crime क्या है?

नहीं पता।

सिर्फ यह कि उन्होंने मेरे साथ आवाज उठाई।

Journalist Rosy is a name you have heard several

times in the past few weeks. आपके समर्थन में

उतरे सत्रह लोगों की कम से कम arrest हुई है and

the mere act of covering that incident has changed

Rosy's life overnight.

निजी जीवन तो कुछ बचा ही नहीं। मैं सही से सो नहीं पा रही हूं।

मैं अपने परिवार से नहीं मिल पा रही हूं। लोग videos बना रहे हैं कि

इस लड़की के साथ गलत हुआ है। यह देखो किस तरीके से हंस रही है। यह देखो यह तो

खुल के खा पी रही है।

मतलब इसके साथ गलत हुआ है। यह खुल के makeup कर रही है।

मतलब मेरी personal life कुछ नहीं है। मेरी खुद की ख्वाहिशें कुछ नहीं है। मेरे

साथ गलत हुआ है तो मैं क्या मातम करती रहूं कि लड़की के साथ गलत हुआ है तो रोती रहे,

बिलखती रहे और इतना कैसे strong है यह लड़की?

गलत हुआ होता तो कोने में बैठी होती। यह कैसे आवाज उठा रही है, कैसे

बार बार police station के चक्कर लगा रही है। कोई उस इंसान से सवाल

नहीं कर रहा। सब यह देख रहे हैं कि name और fame के लिए कर रही है।

journalist है। इसके followers नहीं बढ़ रहे थे तो followers बढ़ाने के लिए मुझे

DMs आ रहे हैं कि अब तो followers बढ़ जाएंगे, one million तो हो ही जाएंगे।

गजेंद्र जी आप

उन तमाम सत्रह लोगों में से थे

जिनको arrest किया गया।

और उसके बाद दो लड़के रह गए तो उनको वापस थाने के अंदर

parliament street के अंदर ले जाया जाता है और बीस पच्चीस लोगों ने उनको

बहुत मारा।

दिल्ली police बोल रहे थे ना। अब पापा बोलो दिल्ली police को। लात, घूंसे,

थप्पड़ जो वो मार सकते थे। दो लड़कों को मारा। फिर जब एक बहुत ज्यादा

बेहोश हो गया धर्मेंद्र नाम है उनका तो कहा भाई इसको छोड़ो छोड़ो वरना ये तो मर

जाएगा। फिर दूसरे को मारा और जो समर्थ हैं उनकी हमने पीठ को

देखा तो कोई ऐसी जगह नहीं थी जहां पर निशान नहीं था। तिहाड़

तक का सफर करा दिया गया। अब मैं तिहाड़ ही पत्रकार हूं। उसके बाद जब मैं बाहर

आया तो जो मेरा account था उसको suspend कर दिया गया। तो ये सारी घटनाएं नहीं

बताती कि target किया जा रहा है।

मैं दिल्ली police को बताना चाहती हूं कि मैं दिल्ली police के against नहीं

हूं। दिल्ली police ने इंसाफ भी किया है, justice भी दिलाया है

इसलिए मैं बार बार उनका दरवाजा खटखटा रही हूं। इसलिए मैं बार बार इंसाफ के

लिए FIR के लिए जा रही हूं।

End of transcript · 513 words

iPhone app Translate videos on your iPhone Paste a TikTok, Instagram or X link, add subtitles in your language and save the video to Photos.

Read any video in your language

Paste a link from X, TikTok, YouTube or Instagram. You get a page like this one.

© 2026 TranslateMom Transcripts Sources Pricing Legal