Political Criticism in India
ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए जितनी force लगाई गई है,
वो मणिपुर और पहलगाम में क्यों नहीं लगाई गई थी?
क्या बेटियों का सम्मान और देशवासियों की जान की कोई कीमत नहीं
है?
देश के एक नौकर ज्ञानेश को बचाने के लिए देश के दूसरे
नौकर नरेंद्र ने जनता के खिलाफ police तैनात कर दी
है। पहले इन दोनों नौकरों ने मिलकर जनता का vote चुराया
और अब गुंडागर्दी पर आमादा हो गए हैं। दिल्ली इस देश की
राजधानी है, तुम्हारी party कार्यालय का आंगन नहीं।
देशवासी अपने देश की राजधानी में क्यों नहीं आ सकते?
किसानों को भी तुमने ऐसे ही दिल्ली में घुसने से रोका था। पर तब
भी तुम हारे थे। इस बार भी हारोगे।
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