Discussion on Election Integrity and Democracy
बहुत ज़्यादा वेल्कुम करते हैं एक मुश्किल सवाल पूछ लूआ अब नेहा
मुश्किल सवाल यह है
आप कहते हैं कि सारे अंदुलन्कारी कह रहे
थे यह सरकार अलोग प्रियस सरकार हो गई
पॉपुलर नहीं है जंता इनके खिलाफ है सब परेशान है
सडकों पर यह सरकार बार बार चुनाव जीत कर आ रहे है
तीम बार लोकसभा का चुनाव और हाल के सारे विधानसभा चुनाव देखती जाये
विजेरत चल रहा है मोधी जी का तो आपको यह बात तो माननी पड़ेगे
न वो भी जैनजी उनको भी वोट देता है भाई
ठीक है जैनजी आपके साथ भी है इस आंधोलन में
भी रहा पर उनको वोट देता है यह भी आपको एकसेप्ट करना चाहिए
अगर हम चुनाव जीतने की ही बात कर रहे हैं
तो मुझे लगता है कि फिर साइर के पूरा मामला चला है
उससे पीछे हम नहीं ढत सकते है किस तरीके से राजा ने प्रजा चुनी है
कि साइर करवाएंगे ये चार लोग होँगे जो हमें चुनेंगे
कौनसे कौनस्टिटुवेंसी से हम नहीं जीतते हैं वहाँ का फिजिकल बाउंडरीज अल्टर करके
आसाम जैसे राज्जियों में कैसे अपनी जीत सुनिश्चित करवाएं जा सकती है
इस पे भी बात होनी होगी ECI को अपनी जेब में ले करके घुमना जहांपे
अपने विजे रत को चला रहे है इस देश के लोकतंत्र की
जो लाश है उसके उपर से नजानी कितने लोकतंत्र के स्टम है
जो आपने दहा दिये और खुद भाजपा के बड़े से बड़े मंतरी
सिर्फ इसलिए क्योंकि आप चुनाओ जीपना चाहते हैं
अगर चुनाओ की भी बात होगी तो वो चुनाओ जिसको ये समझा जाता था कि इसका मतलब होता है
कि इस देश में हर एक व्यक्ति का समान अधिकार है
सबका एक वोट होगा और सबका एक अधिकार होगा
चुनने का अपने प्रतिनिद्धी को इस पूरे आइडिया को
अगर आप छल नहीं कर देंगे और कहेंगे कि ये हो रहा है
अप चुनाओ तो आज के समय में तो हम मानते हैं
कि चुनाओ बचाना भी एक बहुत बड़ू है
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