Journalist's Encounter with Protesters
कनाट प्लेस पर जब मैं reporting कर रहा था तो मैंने देखा कि एक बजरंग दल और विश्व
हिंदू परिषद से related एक group है। उनमें से एक आदमी हिंदुओं के
खिलाफ एक बयान दे रहा है और उसने टोपी लगा रखी थी और उसने तुरंत ही टोपी लगाई थी तो
मुझे लगा कि यह हिंदू है तो कुछ लोग बता रहे थे कि यह हिंदू है लेकिन मुसलमान बन के
एक तरह से हिंदुओं के खिलाफ बात फैला रहा है ताकि मुसलमानों को लेकर इस देश में एक
तरह की नाराजगी आए और मुसलमानों के खिलाफ लोग बोलें। तो मैंने इस बात को मैं जब
report
कर रहा था तो हिंदू परिषद और यह विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लोग थे जो मेरे
खिलाफ एक तरह से नारेबाजी करने लगे और मुझे reporting से रोकने लगे। तभी मैंने क्या कर
रहा कि मैं army के पास गया और वहीं पर एक दिल्ली पुलिस का जवान था। मैंने उसको बोला
कि भैया यह मुझे एक तरह से मारपीट कर सकते हैं, मेरे साथ मुझ पर attack कर सकते हैं तो
please मुझे protect करो। तो वह आदमी मुझे एक तरह से बस की तरफ मतलब detain
करने के लिए ले जाता है तो मैं। तभी मेरे कुछ दोस्त आते हैं और फिर वह
मुझे बाहर ले जाने की तरफ करते हैं। इतने में मैं क्या देखता हूं कि वह जो
भीड़ थी वह भीड़ उस पुलिस constable को कहती है कि इसको arrest करो। यह journalist
है या कोई famous आदमी हो गया। जो भी है तो वह बंदा जिसे
जिसकी जिम्मेदारी यह थी कि वह मुझे बचाए। वह उल्टा उन भीड़ के कहने पर
हिंसक भीड़ के कहने पर मुझे detain करके ले जाता ले जाता है। फिर जब वह
भीड़ मेरे खिलाफ नारे लगाती है तो मैं तीन नारे लगाता हूं कि इंकलाब
जिंदाबाद। भगत सिंह जिंदाबाद। अमित शाह मुर्दाबाद। तो यह बात जब मैं नारे
लगा रहा था उस बस में से तो उस पुलिस वाले ने तीन डंडे मुझे मारे तो मैं बोला ये डंडे
क्यों मारे? बोलता है कि तुम गाली दे रहे हो। गाली कौन
सी दी?
बोला नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद क्यों कह रहे हो?
मैं बोला अगर नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद कहना गाली देना है तो मैं 300 बार कहूंगा और तुम
मुझे मुझमें तीन हज़ार डंडे मार लो, तीन हज़ार डंडे मार लो। चाहे 300 की भीड़
ले आओ। चाहे कितने भी लोग ले आओ, मेरे हाथों से नाखून निकाल लेना। लेकिन यह
बात मैं
बार बार कहूंगा कि इंकलाब जिंदाबाद, भगत सिंह जिंदाबाद और नरेंद्र मोदी
मुर्दाबाद।
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