Discussion on Relationships and Preferences
हम तो खुद कह रहे हैं accept करने इन चीजों को। मुल्ला जो कह रहा है ना हम सब चीज
accept कर रहे हैं। वो अगर कह रहा है कि नहीं ये रीलबाज है, हम रीलबाज
हैं। लेकिन तुम्हारी बहन को फिर भी हम ही क्यों पसंद आते हैं?
जब सीलमपुर जाते हैं, जाफराबाद जाते हैं, मोजपुर जाते हैं, किसी भी दिल्ली
के किसी भी area में जाते हैं, मुल्ला नहीं क्यों हमको देखकर मुस्कुराती
है?
उसको तो पता होना चाहिए कि दिन रात हमको गाली दे रहा है लेकिन मुस्कुरा देती है। तो
वो
तुम अपनी बहन को संभालो ना। अब तुम्हारी बहन अगर फिर भी हमको
पसंद कर रही, मेरे message में खातून का message आता है।
ये आप झूठ बोल रहे हैं।
कि आपसे पसंद कर रहे हैं। नहीं अगर आप बोलिएगा ना तो हम screenshot भेज देंगे। आप
सारा
चीज आप चला दीजिएगा channel पे, वो कायदा। पूरा screenshot जितनी मुल्ला
नहीं का
proposal आता है कि हमको आप बहुत पसंद है। एक तो
ब्राह्मण demand है हम लोग का कि भाई ब्राह्मण से शादी करेंगे तो एक
अलग सुरीर पैदा होगा। तो बहुत सारी
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