Teachings from the Bhagavad Gita
यह जो गीता है, अब तक मैंने उपदेश किया। इसको ऐसे
व्यक्तियों को उपदेश नहीं करना चाहिए। ऐसे व्यक्तियों को ही उपदेश करना चाहिए। इसका
उपदेश पाने के लिए भी कुछ लक्षण होना चाहिए। "इदं ते ना
तपस्काय ना भक्ताया" जो भक्त नहीं है, जिसको
भगवान पर विश्वास नहीं है, ऐसे व्यक्तियों को इसके बारे में उपदेश नहीं
करना
चाहिए। "न च अशुश्रूषवे" अशुश्रूष
मतलब क्या है? जो इसे सुनना नहीं चाहता है,
जिसको इस पर श्रद्धा ही नहीं है, जो इसे सुनना नहीं चाहता है, ऐसे व्यक्ति के
पास जाकर तुम्हें भगवद गीता का उपदेश नहीं करना चाहिए।
इसीलिए वहां भी कुरुक्षेत्र युद्ध में कितने लोग थे, उन सभी
में से सिर्फ अर्जुन को ही उपदेश किया भगवान ने, क्योंकि ऐसी योग्यता उस समय में
अर्जुन के पास ही थी।
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